बिहार के वैशाली जिले में महिला हत्या का मामला सामने आया
बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के महिसौर गांव में चार दिनों से लापता एक महिला का अधजला शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मृतका की पहचान 37 वर्षीय रीता देवी के रूप में हुई है, जिनका शव मिलने के बाद परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव को छुपाने का आरोप लगाया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
घटना का पूरा घटनाक्रम और ग्रामीणों का आक्रोश
जानकारी के अनुसार रीता देवी 5 जून की रात से ही लापता थीं। कई दिनों तक उनका कोई पता नहीं चलने पर परिजन उनकी खोजबीन में लगे थे। इसी बीच, गांव के पास एक स्थान से उनका अधजला शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जंदाहा थाना अध्यक्ष चांदनी सवारियां ने घटना स्थल पर पहुंचकर तेज धूप का हवाला देते हुए मृतका के परिवार वालों से जल्दबाजी करने को कहा। उनकी इस टिप्पणी, “मुझे तेज धूप लग रही है, जल्दी करो” ने ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिवार का आरोप और पुलिस की जांच
मृतका की भाभी रेखा देवी ने बताया कि रीता देवी की शादी 2007 में पप्पू राय उर्फ नंद किशोर राय से हुई थी। उनका आरोप है कि पारिवारिक विवाद के कारण पति ने दूसरी शादी कर ली थी और रीता को अपने साथ नहीं रखना चाहता था। परिजनों का दावा है कि इसी विवाद के चलते 5 जून की रात रीता की हत्या कर दी गई।
मायके पक्ष का कहना है कि जब वे 6 जून को महिसौर गांव पहुंचे तो घर पर कोई नहीं था और ससुराल वाले फरार थे। आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले कहा था कि रीता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन अधजला शव मिलने के बाद यह दावा संदिग्ध हो गया है।
परिजनों के अनुसार, हत्या के बाद शव को घर से करीब 500 मीटर दूर जलाया गया और अवशेषों को बोरे में बांधकर गड्ढे में फेंक दिया गया था। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









