तेजस्वी यादव की भाषण में हुई गलती और श्रद्धांजलि कार्यक्रम
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को आरजेडी कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपने भाषण की शुरुआत में गलती कर दी। उन्होंने पहली बार में ही दशरथ मांझी की जगह दो बार जीतनराम मांझी का नाम ले लिया। मंच पर मौजूद लोगों ने तुरंत ही उन्हें टोका, जिसके बाद उन्होंने अपनी बात सुधारते हुए सही नाम लिया। इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग और नेता शामिल थे।
दशरथ मांझी के संघर्ष को याद करते हुए तेजस्वी ने की मांग
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि उन्होंने पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले महान व्यक्ति दशरथ मांझी के अद्भुत संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने संकल्प से असंभव को संभव कर दिखाया। तेजस्वी ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठाई। साथ ही, पटना में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर आश्रम बनाने का भी प्रस्ताव रखा।
राजनीतिक आरोप और समाज के प्रति उनकी चिंता
नेता प्रतिपक्ष ने बीजेपी, जदयू और एनडीए पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल राजनीति के लिए दशरथ मांझी का नाम इस्तेमाल करते हैं, जबकि उनके समाज की भलाई के लिए कोई काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि आरजेडी के शासनकाल में गरीबों और दलितों का विकास हुआ, जबकि वर्तमान एनडीए सरकार उन्हें उजाड़ने का काम कर रही है। तेजस्वी ने गरीबों को पानी, भोजन, दवाइयां और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं देने पर जोर दिया।










