दिल्ली में विधायक की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई पर विवाद
कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी अनिल की हत्या के मामले में पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार को मंगलवार तड़के करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस द्वारा उनके घर से हिरासत में लेने का आरोप लगाया गया है। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
AAP के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों से यह दावा किया गया है कि सुबह लगभग 20 पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के सादे कपड़ों में पहुंचे और विधायक को जबरन घर से उठा ले गए। इस घटना के बाद से ही राजनीतिक नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।
केजरीवाल और अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार से सवाल किए
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से कड़ी प्रतिक्रिया मांगी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना किसी कारण के विधायक को घर से उठा लिया है। यदि इस तरह की पुलिस कार्रवाई बिना वजह की जाती है, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी जी, हमारे विधायक कुलदीप कुमार कहां हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने CCTV तोड़ दिए और DVR भी साथ ले गए हैं, जबकि पुलिस इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि यदि बिना किसी कारण के विधायक को घर से उठा लिया जाता है, तो यह देश के लिए चिंता का विषय है।
धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का समर्थन और पुलिस की कार्रवाई
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि विधायक कुलदीप कुमार पिछले दिनों से सफाई कर्मचारियों के साथ धरने पर थे। वे मृतक अनिल के परिवार को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से परिवार से मिलने की भी अपील की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों से मिलने के बजाय विधायक को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
वहीं, दिल्ली के पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस जबरदस्ती मृत सफाई कर्मचारी का अंतिम संस्कार करवा रही है। दो दिनों से धरने पर बैठे हजारों सफाई कर्मचारी सरकार से 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे, लेकिन अब पुलिस शव को जबरन अस्पताल से घर ले आई है। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाकर अंतिम संस्कार कराए जाने का आरोप लगाया है।
AAP का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान न देकर पुलिस ने विधायक को हिरासत में लिया है। साथ ही, टीम ने यह भी दावा किया कि सफाई कर्मचारी के परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है और बिना सहमति के शव का जबरन अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इससे पहले सोमवार को विधायक ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं कि उन्हें गिरफ्तार कर शव का जबरन दाह संस्कार कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसी कार्रवाई सरकार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। अभी तक इस मामले में दिल्ली पुलिस या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।










