बिहार की राजनीति में पारिवारिक मुलाकात का महत्व
मकर संक्रांति से पहले बिहार की राजनीतिक हलकों में एक महत्वपूर्ण पारिवारिक बैठक देखने को मिली है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव मंगलवार को पटना के राबड़ी आवास पहुंचे। इस मुलाकात में उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव और पूरे परिवार के सदस्यों से मिलकर संबंधों को मजबूत किया।
यह मुलाकात खास इसलिए भी है क्योंकि कुछ समय पहले दिल्ली के राहुल रिवेन्यू कोर्ट में तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच हुई मुलाकात में तनाव की खबरें आई थीं। अब करीब आठ महीने बाद दोनों भाइयों का फिर से मिलना और सार्वजनिक तस्वीरें साझा करना राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
मकर संक्रांति पर पारिवारिक आयोजन और सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट
14 जनवरी को होने वाले दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण तेजस्वी यादव को देते हुए तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इन मुलाकातों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी से मिलकर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही, उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी को इस खास अवसर पर आयोजित होने वाले इस पारंपरिक भोज का निमंत्रण भी दिया।
मुलाकात के दौरान तेज प्रताप अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाते हुए भी नजर आए, जिसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। उन्होंने इस पल को ‘अद्भुत’ करार देते हुए लिखा कि यह उनके जीवन का एक अनमोल क्षण था।
पारिवारिक संबंधों का पुनः सशक्तिकरण और राजनीतिक संकेत
यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले कुछ दिनों में दोनों भाइयों के बीच तल्खी की खबरें आई थीं। दिल्ली के कोर्ट में हुई मुलाकात के बाद दोनों के बीच दूरी की चर्चा तेज हो गई थी। अब इस बार का मिलन और तस्वीरें सार्वजनिक होना राजनीतिक गलियारों में नई उम्मीदें जगा रहा है।
तेज प्रताप द्वारा अपने पूरे परिवार को एक साथ दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण देना और तस्वीरें साझा करना राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। खासतौर पर जब हाल के दिनों में उनके एनडीए (NDA) में शामिल होने की चर्चाएं तेज थीं और कई नेताओं ने उन्हें इस पारंपरिक त्योहार में शामिल होने का न्योता भी दिया था।









