बिहार में सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार
बिहार सरकार ने घोषणा की है कि अब राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों का उपयोग सिखाया जाएगा। शिक्षा विभाग इस दिशा में तेजी से कार्यवाही कर रहा है, जिसमें स्कूलों में लैब और आधारभूत संरचना का विकास शामिल है। इस संबंध में सूबे के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसटीईटी (STET) परीक्षा के परिणाम आने के बाद टीआर-4 (TR-4) शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी, और जनवरी के बाद नई शिक्षक भर्ती की संभावना है।
शिक्षक भर्ती और डिजिटल संसाधनों का विस्तार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। इन सुधारों के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। साथ ही, सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों को डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है, और जनवरी के बाद शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही लाइब्रेरियन की नियुक्ति भी इसी क्रम में की जाएगी।
मध्यान भोजन और दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि बिहार में करीब एक करोड़ नौ लाख बच्चों को रोजाना गुणवत्तापूर्ण मध्यान भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए दो लाख चौदह हजार रसोइयों की नियुक्ति की गई है, जो बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार कार्यरत है। इन बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि सभी बच्चों को समान अवसर मिल सकें।










