बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का राजनीतिक संग्राम तेज
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट पर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं। भाजपा ने अभिषेक कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि आरजेडी ने रेखा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। वहीं जन सुराज पार्टी से प्रशांत किशोर (PK) पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जिससे यह उपचुनाव काफी हाईप्रोफाइल बन गया है। इस सीट का इतिहास भाजपा के कब्जे में रहा है, जो 1995 से लगातार पार्टी का गढ़ रही है।
बांकीपुर की राजनीतिक विरासत और चुनावी मुकाबला
बांकीपुर सीट का इतिहास नितिन नवीन और उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के नाम से जुड़ा है, जिन्होंने क्रमशः पांच और चार बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। यह क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां से पार्टी का वर्चस्व दशकों से कायम है। अब जब नितिन नवीन ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, तो इस सीट पर राजनीतिक जंग तेज हो गई है। भाजपा ने अपने कार्यकर्ता अभिषेक कुमार को मैदान में उतारा है, जो कायस्थ समुदाय से हैं। दूसरी ओर, आरजेडी ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। इस बीच प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी के साथ मैदान में उतरकर सियासी माहौल को गर्मा दिया है।
प्रशांत किशोर का चुनावी अभियान और रणनीति
प्रशांत किशोर अपने पहले चुनाव में ही पूरी ताकत से मैदान में हैं। वह खुद बांकीपुर के गलियों में घूम-घूमकर जनता से मिल रहे हैं और सियासी जाल बुनने में लगे हैं। उनका मानना है कि यह उपचुनाव सम्राट चौधरी के दो महीने के कार्यकाल का जनमत संग्रह है। उन्होंने अपनी टीम को चुनाव प्रचार में लगाया है और खुद भी सोशल मीडिया और सड़क पर सक्रिय हैं। पीके की युवा ब्रिगेड सुबह से ही क्षेत्र में प्रचार कर रही है, जबकि महिला टीम घर-घर जाकर वोट मांग रही है। उनका मुख्य फोकस स्थानीय मुद्दों जैसे ट्रैफिक, पानी, सड़क और जलजमाव पर है, ताकि जनता का समर्थन हासिल किया जा सके।










