बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसले
बिहार सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनका उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय व्यवस्था, खेल, पेयजल और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। इन फैसलों से राज्य के विकास में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े कदम
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार ने पीपीपी मॉडल पर 16 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने का निर्णय लिया है। इन संस्थानों के संचालन के लिए पीडब्ल्यूसी (Public Works Committee) को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की भी मंजूरी दी गई है। इस कदम से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा और आम जनता को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए केंद्र सरकार को 30 साल की लीज पर भूमि देने की स्वीकृति दी गई है। इससे क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा और शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा।
न्याय व्यवस्था और खेल में नई पहल
न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने 19 नए विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित अत्याचार मामलों की सुनवाई करेंगे। इसके साथ ही 171 नए पदों का सृजन भी मंजूर किया गया है, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
खेल के क्षेत्र में भी सरकार ने खिलाड़ियों को नई सुविधाएं देने का फैसला किया है। राजगीर स्पोर्ट्स अकादमी में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर और इंजरी सेंटर की स्थापना की जाएगी। इन कदमों से खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी।











