दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से छात्रों में भय फैल गया
दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक बड़ी इमारत के ढहने की घटना ने आसपास के छात्रावासों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। इस हादसे के बाद कई छात्र अपने छात्रावास छोड़कर घर लौटने लगे हैं। कुछ के पास सूटकेस हैं, तो कई अपने जरूरी सामान लेकर मेट्रो स्टेशन की ओर बढ़ रहे हैं। छात्रावास छोड़ने वाले छात्र लखनऊ, राजस्थान और चंडीगढ़ जैसे शहरों की ओर जा रहे हैं। उनका कहना है कि घर से लगातार फोन आ रहे हैं और परिवार उन्हें वापस बुला रहा है।
छात्रावास छोड़ने का सिलसिला और सुरक्षा की चिंता
सत्य निकेतन में जिस बिल्डिंग के गिरने की घटना हुई, उसके आसपास कई छात्रावास मौजूद हैं। इस हादसे के बाद छात्रों में अचानक भय और घबराहट की स्थिति बन गई है। कुछ छात्रों को तुरंत ही अपने छात्रावास खाली करने का निर्देश दिया गया है। कई छात्र अपने रिश्तेदारों के घर अस्थायी रूप से शरण ले रहे हैं, जबकि कुछ अपने कॉलेजों में ही रुकने का विकल्प अपना रहे हैं।
लखनऊ की एक छात्रा ने बताया कि उसके परिवार वाले इस घटना के बाद बहुत परेशान हैं। दिल्ली में उसका कोई नजदीकी रिश्ता नहीं है। परिवार की चिंता को देखते हुए वह फिलहाल लखनऊ जा रही है। उसने कहा कि यदि स्थिति सामान्य रहती है, तो वह वापस दिल्ली लौट सकती है। वह उस छात्रावास के पास रहती है, जहां से बिल्डिंग गिरने की घटना हुई थी। उसने बताया कि उसने गिरते हुए बिल्डिंग को नहीं देखा, लेकिन जब वह नीचे आई तो वहां भारी भीड़ थी। आसपास के लोगों ने उसे बताया कि बिल्डिंग गिर गई है। इसके बाद ही उसे छात्रावास खाली करने को कहा गया और निरीक्षण किया गया। काफी देर तक छात्रावास सील रहा और शाम साढ़े पांच बजे के बाद ही छात्रों को अंदर जाने की अनुमति मिली।
छात्रों की सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं
हरियाणा की एक छात्रा, जो होपीज (Hopej) में रहती है, भी फिलहाल अपने रिश्तेदार के घर जा रही है। उसने बताया कि उसने 11 महीने का अनुबंध साइन किया है, इसलिए अभी पूरी तरह छात्रावास छोड़ना संभव नहीं है। वह अस्थायी रूप से बाहर जा रही है और स्थिति का आकलन कर आगे का निर्णय लेगी।
छात्रों का कहना है कि सत्य निकेतन की घटना के बाद आसपास की इमारतों को लेकर भी भय व्याप्त हो गया है। एक छात्रा ने कहा कि इलाके की कई इमारतें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। यदि बड़ा भूकंप आता है, तो इन इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। उसने बताया कि उसके छात्रावास का निरीक्षण हुआ है और फिलहाल उसे सुरक्षित बताया गया है, लेकिन इस हादसे के बाद मन अभी भी आश्वस्त नहीं है। परिवार भी उसे घर वापस बुला रहे हैं।









