निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा का शुभारंभ चंपारण से
निशांत कुमार ने अपनी आगामी सद्भाव यात्रा की शुरुआत बिहार के ऐतिहासिक क्षेत्र चंपारण से करने का निर्णय लिया है। इस स्थान का चयन खास महत्व रखता है क्योंकि यह वही क्षेत्र है जहां से उनके पिता नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। इस यात्रा का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव और संगठन को मजबूत बनाना है। निशांत ने ‘आजतक’ से बातचीत में बताया कि वह अपने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से मिलकर संगठन को नई ऊर्जा देंगे और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
यात्रा के दौरान निशांत कुमार की योजनाएं और कार्यक्रम
निशांत कुमार का कार्यक्रम आज सुबह 11 बजे जेडीयू कार्यालय से शुरू होगा, जिसमें वे बेतिया के हरिवाटिका चौक पर बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वे बाजार समिति में महेंद्र बैठा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करेंगे। शाम को लौरिया नंदनगढ़ में अशोक स्तंभ और बौद्ध स्थल का दौरा करेंगे। इसके साथ ही वे बगहा के आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर, लक्ष्मीपुर गांव में जनजाति समाज से मुलाकात करेंगे। शाम को बाबा कालेस्वरनाथ मंदिर में दर्शन और गंडक बैराज का निरीक्षण भी शामिल है। रात को पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर विश्राम करेंगे।
आगामी कार्यक्रम और राजनीतिक संदेश
4 मई को निशांत कुमार का कार्यक्रम सुबह 6 बजे वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी से शुरू होगा, जिसके बाद वे महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। दिन में 10:30 बजे नर देवी मंदिर में दर्शन के बाद वे बेतिया के बापू सभागार में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इससे पहले, जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बेतिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि निशांत उस भूमि से आते हैं जहां सम्राट अशोक का जन्म हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि निशांत ने अपने पिता की तरह त्याग और समर्पण का रास्ता चुना है, और वे कभी भी सत्ता के शॉर्टकट का सहारा नहीं लेंगे। यह यात्रा सामाजिक सद्भाव और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है, जो बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा भरने का संकेत है।











