सीधी की आदिवासी छात्रा की मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी अपने भविष्य को संवारने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी। जब वह मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकी, तो उसकी आंखों में दर्द और निराशा साफ झलक रही थी। बहरी में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अपनी पढ़ाई और जीवन में सहायता की उम्मीद लेकर आई छात्रा अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और फूट-फूटकर रोने लगी।
आदिवासी समुदाय की छात्रा का संघर्ष और सपना
यह छात्रा चिनगवाह गांव की निवासी है, जो बैगा समुदाय से ताल्लुक रखती है। उसका नाम अनामिका है। हाथ में आवेदन लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण उसे सफलता नहीं मिली। उसने अपने जीवन का सपना डॉक्टर बनने का बताया, जो समाज और देश की सेवा करना चाहती है। गरीबी और परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण उसकी यह इच्छा दूर होती जा रही है।
मदद की उम्मीद में पहुंची छात्रा का निराशाजनक अनुभव
अनामिका ने बताया कि उसने पहले भी कई बार मदद के लिए आवेदन किया है। वह सीधी जिले के धौहनी क्षेत्र के विधायक, सांसद और कलेक्टर से भी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक उसे कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। आखिरी उम्मीद के रूप में वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंची थी, आशा थी कि वहां से उसे छात्रवृत्ति या सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम स्थल पर वह काफी देर तक महिला पुलिसकर्मियों से मुख्यमंत्री से मिलने की गुहार लगाती रही, लेकिन सुरक्षा नियमों के कारण उसे आगे नहीं जाने दिया गया। इस दौरान वह भावुक होकर फूट-फूट कर रोने लगी। उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह गरीबी और अपने डॉक्टर बनने के सपने का जिक्र कर मदद की अपील कर रही है।
बैगा समुदाय से आने के बावजूद, अभी तक उसे कोई सहायता नहीं मिली है। फिर भी उसकी आंखों में उम्मीद अभी भी जगी है कि उसकी आवाज सही जगह पहुंचे और उसका सपना अधूरा न रह जाए।










