चेन्नई में प्रवासी मजदूर की हत्या से हड़कंप मचा
बिहार से कामकाज की तलाश में चेन्नई आए एक प्रवासी मजदूर और उसके दो वर्षीय बच्चे के शव अलग-अलग स्थानों से मिलने के बाद शहर में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। मृतक की पहचान बिहार निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गौरव कुमार का शव 26 जनवरी को चेन्नई के अडयार क्षेत्र की एक व्यस्त सड़क पर बोरे में बंद पाया गया।
हत्या का आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
वहीं, उनके दो वर्षीय बच्चे का शव दक्षिण चेन्नई के माध्या कैलाश नदी के पास से बरामद किया गया, जो शहर का एक प्रमुख इलाका माना जाता है। भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने आरोप लगाया है कि गौरव कुमार, उसकी पत्नी और बच्चे की हत्या कुछ नशे में धुत गिरोह ने की है, जो कथित तौर पर प्रवासी मजदूर ही हैं। अन्नामलाई ने दावा किया कि आरोपियों ने गौरव की पत्नी के साथ कथित यौन उत्पीड़न की कोशिश की, और जब गौरव ने इसका विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद, आरोपियों ने उसकी पत्नी और बच्चे की भी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि गौरव का शव बोरे में भरकर सड़क पर फेंक दिया गया, जबकि बच्चे का शव भी मिल चुका है।
पुलिस की जांच और सरकार पर सवाल
हालांकि, पुलिस अभी भी गौरव की पत्नी के शव की तलाश कर रही है, जिनके साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप है। अन्नामलाई ने इस घटना को लेकर डीएमके सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि क्या चेन्नई में अब सुरक्षित है। वहीं, डीएमके सांसद कनिमोझी ने इस घटना को बेहद दुखद और चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि थरमणि इलाके में एक उत्तर भारतीय युवक, उसकी पत्नी और बच्चे की हत्या की खबर बहुत ही पीड़ादायक है। कनिमोझी ने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को कठोर सजा दी जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। अभी भी महिला का शव बरामद नहीं हुआ है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।











