बिहार में शराबबंदी के बावजूद भारी मात्रा में जब्ती
पिछले नौ वर्षों में बिहार में 4.5 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई है, इसके बावजूद राज्य में शराबबंदी का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि शराब के साथ-साथ गांजा, अफीम, चरस और कफ सिरप जैसी नशीली वस्तुओं की भी बड़ी मात्रा में जब्ती की गई है।
नशे के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई और सीमा सुरक्षा
रविंद्र प्रसाद सिंह के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 2016 से 31 दिसंबर 2025 तक कुल 10 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 4.5 करोड़ लीटर शराब जब्त की गई है। साथ ही 16 लाख से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और 1.6 लाख वाहनों को जब्त किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सीमा पर 22, पश्चिम बंगाल पर 8, झारखंड पर 19 और नेपाल सीमा पर 17 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और ब्रीथ एनालाइजर जैसी जांच मशीनें लगाई गई हैं। नेपाल सीमा पर लगातार छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है।
नशामुक्ति के लिए जागरूकता और निरीक्षण अभियान
वहीं, बिहार में नशामुक्ति केंद्रों की संख्या पर जोर देते हुए आरजेडी के एमएलसी सैयद फैसल अली ने कहा कि इन केंद्रों की संख्या पर्याप्त है। दूसरी ओर, भाकपा (माले) के एमएलसी शशि यादव ने इन केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि कला जत्था, बैनर, पोस्टर, सोशल मीडिया और मैराथन के माध्यम से नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालयों और बड़े संस्थानों में नशामुक्ति पर लेक्चर सीरीज का आयोजन किया जाएगा।









