साउथ बिहार एक्सप्रेस में अचानक प्रसव की घटना
साउथ बिहार (South Bihar) एक्सप्रेस ट्रेन में एक अप्रत्याशित और भावुक पल देखने को मिला, जब यात्रा के दौरान एक महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस घटना के दौरान ट्रेन के कोच में ही उसकी बच्ची का जन्म हो गया। झाझा (JhaJha) स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी (GRP) की टीम ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। उन्होंने तुरंत ही डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला और नवजात शिशु को अस्पताल पहुंचाया।
महिला की आपातकालीन डिलीवरी और अस्पताल में उपचार
यह घटना बुधवार के दिन हुई, जब गाड़ी संख्या 13287 अप साउथ बिहार एक्सप्रेस अपने सामान्य मार्ग पर दौड़ रही थी। कोच एस-1 में सफर कर रही खुशबू नामक महिला यात्री रायपुर (Raipur) से पटना (Patna) जा रही थीं। लंबी यात्रा के दौरान वह अपने दो बच्चों के साथ अकेली थीं। अचानक ही उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, पहले तो यात्रियों को लगा कि यह सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन कुछ ही मिनटों में स्थिति गंभीर हो गई।
यात्रियों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाए और रेलवे स्टाफ को सूचित किया। जैसे ही ट्रेन झाझा स्टेशन पर पहुंची और प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर रुकी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एसआईपीएफ अशोक कुमार अपनी टीम के साथ तुरंत कोच में पहुंचे। बिना किसी देरी के उन्होंने महिला का उपचार शुरू किया, और इसी दौरान उसकी बच्ची का जन्म कोच में ही हो गया।
मौके पर डॉक्टरों ने दी प्राथमिक चिकित्सा
सूचना मिलते ही रेलवे के डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मां और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया। जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि दोनों की स्थिति स्थिर है, लेकिन बेहतर देखभाल के लिए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना जरूरी है। तत्परता दिखाते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत ही एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। प्रसूता और नवजात को सुरक्षित झाझा (JhaJha) रेफरल अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों की जांच की और उन्हें स्वस्थ पाया। डॉक्टरों ने बताया कि महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ अकेले यात्रा कर रही थी, और उसके साथ कोई पुरुष सदस्य नहीं था। इस पूरी घटना में आरपीएफ और जीआरपी के बीच बेहतरीन तालमेल, त्वरित निर्णय और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय मिला, जिसने महिला की जान बचाने में मदद की।









