बिहार चुनाव में मतगणना को लेकर विवादित बयान और पुलिस कार्रवाई
आरजेडी के नेता सुनील सिंह ने मतगणना के दौरान उत्पन्न हुए तनाव और विवाद को बढ़ावा देने वाला बयान दिया है, जिसे लेकर बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पुलिस ने इस बयान के संदर्भ में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, आरजेडी ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा है कि इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
बिहार में सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया की स्थिति
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने एएनआई से बातचीत में बताया कि चुनाव की मतगणना की तैयारी पूरी कर ली गई है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं और सुरक्षा जांच प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विक्ट्री सेलिब्रेशन कहीं भी नहीं मनाया जाएगा, क्योंकि चुनाव आयोग के नियम पहले से ही इस बात को सुनिश्चित करते हैं।
आरोपों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला
वहीं, जब सुनील सिंह के बयान पर सवाल किया गया, तो डीजीपी ने कहा कि यह बयान गलत है और इस पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बताया। दूसरी ओर, आरजेडी नेता अपने बयान पर अड़े हुए हैं और उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। उनका तर्क है कि सरकार द्वारा उनके उम्मीदवारों को गलत तरीके से हराने का प्रयास किया गया, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
आरजेडी के सांसद मनोज कुमार झा ने भी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव रैलियों में ऐसी भाषा का प्रयोग किया है, जिससे पता चलता है कि वे हार रहे हैं।
वहीं, जेडीयू और बीजेपी नेताओं ने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बयान उनकी हार को स्वीकार करने का संकेत है। जेडीयू के संजय झा ने कहा कि यह बयान जनता को भड़काने का प्रयास है, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में शांति और सद्भाव की राजनीति चल रही है और ऐसी भाषा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।










