बिहार सरकार का रेवेन्यू विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम
बिहार सरकार के रेवेन्यू और लैंड रिफॉर्म विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को विभाग ने विभिन्न जिलों में तैनात आठ सर्किल ऑफिसर (CO) और अन्य राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए हैं। यह कदम रेवेन्यू और लैंड रिफॉर्म मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप लिया गया है।
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और विभाग की नीतियां
सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने विभागीय फाइलों पर कई सजा संबंधी उपायों को मंजूरी दी है, जिनमें विभागीय कार्रवाई शुरू करना, आरोप तय करना, वेतन वृद्धि रोकना और जांच समितियों का गठन शामिल है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि सुधार और राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कौन-कौन अधिकारी हुए हैं कार्रवाई के दायरे में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व डेहरी सर्किल ऑफिसर सीमा रानी पर सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और अवैध ट्रांसफर का आरोप है। उन पर म्यूटेशन अपील के आदेश लागू न करने और नियमों का उल्लंघन कर एक कर्मचारी को फायदा पहुंचाने का भी आरोप है। इसके अलावा, औरंगाबाद के पूर्व राजस्व अधिकारी और वर्तमान में बक्सर के इटरही सर्किल ऑफिसर संतोष कुमार प्रीतम की सैलरी इंक्रीमेंट रोक दी गई है, क्योंकि उन पर गलत तरीके से गैर-बंदोबस्ती जमीन का म्यूटेशन करने का आरोप है।
गोपालगंज के पूर्व राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को भी रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किया गया है। वहीं, मोतीपुर के पूर्व सर्किल ऑफिसर रुचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की जमीन का अवैध म्यूटेशन करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के पूर्व प्रभारी सर्किल ऑफिसर और वर्तमान में सुपौल के अतिरिक्त जिला भूमि अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर बाढ़ राहत फंड में वित्तीय अनियमितता का आरोप है।
बगहा-1 के सर्किल ऑफिसर उदय शंकर मिश्रा पर बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के गैर-बंदोबस्ती जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव का आरोप है। वहीं, रामगढ़वा के राजा कुमार पर रिश्वत लेने और भूमि सुधार से जुड़े मामलों में देरी का आरोप है। इसी तरह, रामनगर के पूर्व सर्किल ऑफिसर विनोद कुमार मिश्रा पर भी जमीन के खातों में बदलाव का आरोप है।
इन कार्रवाइयों के साथ विभाग ने एक हफ्ते के भीतर तीसरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इससे पहले, 27 मई को 14 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, और 1 जून को सासाराम के सर्किल ऑफिसर के खिलाफ विभागीय कदम उठाए गए थे। कुल मिलाकर, पिछले एक हफ्ते में 23 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
रेवेन्यू और लैंड रिफॉर्म मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन की सुरक्षा, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अनियमितताओं की निगरानी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।









