बिहार सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय: B.Ed कॉलेजों का बहुविषयक विकास
पटना के मुख्य सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों में बिहार के B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कॉलेजों को लेकर बड़ा बदलाव शामिल है। सरकार ने इन शिक्षण संस्थानों को अब बहुविषयक डिग्री कॉलेजों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, इन निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों को कला, विज्ञान, वाणिज्य जैसे विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इससे इन कॉलेजों में सिर्फ B.Ed की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अन्य विषयों में भी स्नातक डिग्री को शामिल किया जाएगा।
युवाओं के कौशल विकास के लिए 430 करोड़ रुपये की मंजूरी
कैबिनेट ने युवाओं के कौशल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 430.08 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है। इस राशि का उपयोग युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सोलर टेक्नोलॉजी, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, विदेशी भाषाएँ और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाना है, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल सकें। सरकार का अनुमान है कि इस कार्यक्रम से लगभग 6436 नई नौकरियों का सृजन होगा और हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों का विकास और भूमि व्यवस्था
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों से जुड़ी विकास योजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक को हटा दिया गया है। बिहार नगर विकास प्राधिकरण को भी भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण का अधिकार प्रदान किया गया है, लेकिन यह सभी गतिविधियाँ विकास योजना और संबंधित विकास नियंत्रण नियमों (DCR) के अंतर्गत ही संचालित होंगी।
इन फैसलों से बिहार में शहरी विकास और भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता और तेजी आएगी, जिससे इन क्षेत्रों का समुचित विकास संभव हो सकेगा।










