भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू
भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच आयोग ने शनिवार को अपने कार्यवाही की शुरुआत की। इस आयोग के अध्यक्ष रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष मृतक के माता-पिता ने अपने अनुभव और घटना से जुड़ी जानकारी साझा की। इस प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों ने अपने दृष्टिकोण को विस्तार से व्यक्त किया, जिससे मामले की सच्चाई का पता लगाने में मदद मिल सके।
मृतक के परिवार ने अपनी बात रखी और गवाहों की गवाही का क्रम शुरू
परिवार के वकील विष्णु धर पांडेय ने बताया कि मृतक की मां ने घटना के दौरान देखी गई घटनाओं का विस्तृत विवरण आयोग को दिया। वहीं, मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने भी शुरुआती घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के दिन उन्हें पुलिस ने थाना लाकर पूरी रात रखा, जिसे भी आयोग के सामने रखा गया।
आयोग ने आगामी चरण में मृतक के भाई, भाभी और अन्य गवाहों की गवाही लेने का निर्णय लिया है। सोमवार को मृतक की भाभी और मंगलवार को उसके भाई की गवाही प्रस्तावित है। इसके बाद पुलिसकर्मियों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल, आयोग सभी गवाहों और साक्ष्यों का क्रमबद्ध विश्लेषण कर रहा है।
आयोग की प्रक्रिया और परिवार का समर्थन
आयोग ने कहा है कि सभी गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। परिवार के वकील ने बताया कि मृतक की मां ने घटना के दौरान देखी गई बातों को विस्तार से बताया है, जबकि पिता ने शुरुआती कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा उन्हें थाना में रातभर रखने की बात भी आयोग को बताई गई है।
इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है, और जांच के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। इससे संबंधित अन्य खबरें भी चर्चा में हैं, जिनमें आरोप-प्रत्यारोप और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।











