बिहार की राजनीति में आरजेडी को लगातार झटके
बिहार की सियासत में आरजेडी (RJD) को एक के बाद एक गंभीर धक्के लग रहे हैं। बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने बिना किसी का नाम लिए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव पर तीखा हमला बोला है। वीरेंद्र यादव को लालू यादव का करीबी माना जाता है, जबकि शक्ति यादव को तेजस्वी यादव का भरोसेमंद माना जाता है।
उपचुनाव हार के बाद नेताओं के बीच तकरार तेज
बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों को लेकर भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के करीबी कुछ नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों की गहन समीक्षा होनी चाहिए और संगठन में उन नेताओं को बाहर किया जाना चाहिए, जिनकी वजह से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। इस बयान के जवाब में शक्ति यादव ने पूछा कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है।
शक्ति यादव के सवाल उठाने के बाद भाई वीरेंद्र भड़क गए और उन्होंने अपनी राजनीतिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शक्ति सिंह यादव पर तीखे शब्दों में हमला कर दिया। इस बीच, सवाल उठता है कि आखिर शक्ति यादव कौन हैं, जिनके खिलाफ पार्टी के कई नेता बोल रहे हैं। इससे पहले भी मृत्युंजय तिवारी, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य और बेटे तेज प्रताप यादव ने शक्ति सिंह पर सवाल खड़े किए थे।
शक्ति यादव कौन हैं और क्यों हैं चर्चा में?
बिहार की राजनीति में शक्ति सिंह यादव, जिन्हें अत्रि मुनि के नाम से भी जाना जाता है, आरजेडी (RJD) के एक प्रमुख नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1973 को नालंदा जिले के हिलसा क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता का नाम बृज नंदन सिंह है। शक्ति सिंह यादव ने अपनी राजनीतिक शुरुआत आरजेडी से की और 2015 के विधानसभा चुनाव में नालंदा जिले की हिलसा सीट से जीत हासिल की।
तेजस्वी यादव के करीबी होने के कारण ही वह पार्टी के कई नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। पार्टी में उनके खिलाफ नाराजगी का माहौल लगातार बढ़ रहा है, और कई नेता उनके खिलाफ बोलने लगे हैं।











