हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी और दामाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
गुरुग्राम की अदालत ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल की पुत्री रोशनी बिश्नोई और उनके पति अनूप बिश्नोई के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है। यह मामला 2016-17 के दौरान दो प्लॉटों की कथित फर्जी बिक्री से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि इन संपत्तियों को धोखाधड़ी से बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। अदालत ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर को निर्देशित किया है कि दोनों आरोपियों को छह नवंबर तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए।
फर्जी प्लॉट सौदे का खुलासा और जांच
यह मामला गुरुग्राम के पालम विहार क्षेत्र का है, जहां मुख्यमंत्री कोटे से संदीप और सुनील नाम के व्यक्तियों को दो प्लॉट आवंटित किए गए थे। इनमें से एक प्लॉट भारतीय सेना से सेवानिवृत्त डॉक्टर रामपाल सिंह तोमर ने 2016 में खरीदा था। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) और सेना से सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच कराकर खरीदारी पूरी की और बैंक से लोन लेकर उस पर अपना घर भी बना लिया।
सच्चाई का पर्दाफाश और कोर्ट की कार्रवाई
साल 2023 में पंजाब निवासी धर्मबीर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि डॉक्टर रामपाल ने जो प्लॉट खरीदा था, वह उसके पिता सुनील के नाम पर था और उसे कभी बेचा नहीं गया। जांच में पता चला कि असली मालिक की जगह ‘किरता राम’ नाम के व्यक्ति को ‘सुनील कुमार’ बताकर प्लॉट की बिक्री की गई थी। इस फर्जीवाड़े में किरता राम, रोशनी बिश्नोई और अनूप बिश्नोई का ड्राइवर भी शामिल था, और बिक्री की रकम सीधे रोशनी बिश्नोई के खाते में ट्रांसफर हुई।
राजनीतिक हलचल और आरोपी गिरफ्तारियों की प्रक्रिया
इस मामले में कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ प्रॉपर्टी डीलर और हरियाणा हाउसिंग बोर्ड (HUDA) के कर्मचारी भी शामिल हैं। एडवोकेट अंबिका यादव ने बताया कि यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। जैसे ही अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया, राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। पीड़ित डॉक्टर रामपाल सिंह ने भरोसा जताया है कि न्यायपालिका निष्पक्षता से अपना काम करेगी और सच्चाई सामने आएगी, भले ही आरोपी किसी भी राजनीतिक पावर का समर्थन क्यों न कर रहे हों।










