दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की नई रणनीति
आजतक पंचायत राजस्थान के कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली-एनसीआर (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सरकार की योजनाओं और कदमों का विस्तृत ब्यौरा दिया। यादव ने बताया कि कैसे प्रभावी कार्रवाई, आधुनिक तकनीकों और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय से प्रदूषण की समस्या का समाधान संभव है।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की 11 सूत्रीय कार्ययोजना
भूपेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक 11 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की है। इसमें वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, सड़क की धूल, निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल और कचरे के उचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 47 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदारी तय की गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कदम और तकनीकी उपाय
यादव ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा वाहनों से होता है। इस समस्या से निपटने के लिए ई-बसों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 150 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण में कमी आए। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में उत्सर्जन निगरानी के लिए 350 से अधिक इकाइयों को ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया है। सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है, जिनकी निगरानी एक केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र से की जा रही है।









