जंतर मंतर से प्रदर्शन स्थल हटाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। इस मामले में कई याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या यह निर्णय कोर्ट की कुछ मौखिक टिप्पणियों के कारण लिया गया या फिर इसे एक सामान्य प्रदर्शन स्थल के रूप में उपयोग करने की संभावना पर विचार करने के बाद निर्णय लिया गया।
कोर्ट ने सरकार से पूछा, निर्णय का आधार क्या था?
एसजी मेहता ने कोर्ट को सूचित किया कि इस निर्णय का आधार सुप्रीम कोर्ट का कोई निर्णय नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले ही एक समिति का गठन किया जा चुका है, जिसने विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़ी पुलिस की ज्यादतियों से संबंधित याचिकाओं पर भी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रदर्शन के दौरान लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें। साथ ही, निजी पक्ष भी इन वीडियो को सबूत के रूप में अदालत में पेश कर सकते हैं।
राहुल गांधी के आचरण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और प्रदर्शन का मामला
12 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आचरण पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने व्यवहार का जवाब देना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनके इस कदम पर कड़ी फटकार लगाई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
सीजेआई ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राहुल गांधी को मार्च के दौरान हुई अव्यवस्था और उनके बर्ताव का जवाब देना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि 12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था, जिसमें उन्होंने कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ याचिका दायर की थी।









