राजनीतिक प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं की गतिविधियां
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घोषणा की है कि वे और विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जा रहे हैं। इससे पहले, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बुलावे पर इंडिया ब्लॉक के सांसद दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में एकत्रित हुए थे। यह रेस्टोरेंट जंतर-मंतर से लगभग 100 मीटर दूर है, इसलिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की गई है। यहां पर धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू है।
पुलिस की रणनीति और प्रदर्शन की रोकथाम
दिल्ली पुलिस विपक्षी सांसदों की हर गतिविधि पर नजर रख रही है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सांसद जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस या विंडसर पैलेस की ओर बढ़ते हैं, तो उन्हें रोका जाएगा। पुलिसकर्मियों को पहले ही यह निर्देश दे दिए गए हैं कि सांसदों को रोकने और हिरासत में लेने की प्रक्रिया कैसे पूरी करनी है। फिलहाल पुलिस की रणनीति वेट एंड वॉच की है, यानी वे स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
सांसदों का जंतर-मंतर मार्च और सुरक्षा व्यवस्था
जंतर-मंतर पर चल रहे सियासी घमासान की हर खबर सबसे पहले आपको यहां मिलेगी। राहुल गांधी समेत विपक्ष के बड़े नेताओं के प्रदर्शन से जुड़ी पल-पल की जानकारी, हर हलचल और प्रमुख अपडेट्स आप सिर्फ आजतक पर पढ़ सकते हैं। इस बीच, दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इंडिया ब्लॉक के सांसद यहां प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने वाले हैं। इससे पहले, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाग लिया।
इसी क्रम में, एक निजी बस में सवार होकर सांसद जंतर-मंतर की ओर रवाना हो रहे हैं। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इस बस को रोकने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह बस आवश्यक परमिट और वैध लाइसेंस के साथ है, और वे यात्री के रूप में यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के नागरिकों को स्वतंत्र रूप से यात्रा करने का अधिकार नहीं है? सरकार को यह बताने की जरूरत क्यों है कि वे कहां जा रहे हैं? क्या निजी यात्रा के लिए परमिट लेना जरूरी है? उन्होंने यह भी कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा कर रहे हैं और कोई अवैध काम नहीं कर रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद, विपक्षी सांसदों का दल जंतर-मंतर की ओर रवाना हो गया है। इस दल में खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता शामिल हैं। खड़गे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं ने तय किया है कि वे आज जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मोदी सरकार लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष का कहना है कि वे सभी मिलकर जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। वे यह भी कहते हैं कि चाहे उनके खिलाफ कितने भी मामले दर्ज किए जाएं, वे डरेंगे नहीं और अपना प्रदर्शन नहीं रोकेंगे।
वहीं, विपक्षी सांसदों का एक समूह एकजुट होकर कह रहा है कि वे किसी भी ताकत के सामने झुकेंगे नहीं। डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि वे सभी एक साथ हैं और बिना किसी अहंकार के अपने मिशन पर डटे हैं। उनका कहना है कि जब तक वे अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर लेते, तब तक वे लड़ते रहेंगे।
राहुल गांधी ने भी कहा कि उन्होंने तीनों चुनाव आयुक्तों से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें इनकार कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे और यह भी स्पष्ट किया कि उनके लिए ज्ञानेश कुमार वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ अब तक 45 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, और उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि उनके खिलाफ 100 एफआईआर दर्ज हों। उनके अनुसार, हर एफआईआर उनके लिए एक मेडल की तरह है।









