दिल्ली में विपक्षी सांसदों की सुरक्षा और रणनीति पर चर्चा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत (India) के विभिन्न सांसदों को दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्न रेस्टोरेंट में लंच पर आमंत्रित किया है। इस आयोजन में लोकसभा और राज्यसभा के कई कांग्रेस सांसद भाग ले रहे हैं। यह बैठक राजनीतिक गतिविधियों और आगामी रणनीतियों पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
दिल्ली पुलिस की ‘वेट एंड वॉच’ नीति और विपक्षी सांसदों पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने अपनी ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति के तहत विपक्षी सांसदों की गतिविधियों पर नजर रखी है। यदि सांसद कनॉट प्लेस (CP) की ओर जाते हैं, तो उन्हें रोक दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि वे जंतर-मंतर, विंडसर पैलेस या आसपास के इलाकों में जाने का प्रयास करते हैं, तो भी पुलिस उन्हें रोकने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश है।
डीसीपी शर्मा ने वीडियो में पुलिसकर्मियों को निर्देश देते हुए कहा है कि उन्हें सांसदों से शांति से बात करनी है और समझाना है कि धारा 163 लागू है। महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को संभालेंगी। इस रणनीति का उद्देश्य विपक्षी नेताओं की गतिविधियों को नियंत्रित करना है।
राष्ट्रपति से मिलने का समय और विपक्षी नेताओं का विरोध प्रदर्शन
विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च के बाद बैठक की योजना है। सूत्रों के अनुसार, 9 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठक और मार्च की संभावना है।
इस दिन विपक्षी सांसदों को दिल्ली में ही रहने और किसी बड़े विरोध प्रदर्शन या मार्च की तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। मंगलवार को विपक्ष के बड़े नेताओं जैसे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया था। ये नेता मार्च के माध्यम से निर्वाचन सदन तक पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन में धरना दे दिया, जो लगभग छह घंटे तक चला। अंत में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।










