अमेरिका से लौटे बुजुर्ग दंपति के साथ साइबर ठगों का जाल
दिल्ली में रहने वाले एक वरिष्ठ दंपति को साइबर अपराधियों ने करीब पंद्रह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान धोखेबाजों ने उन्हें डराकर 14 करोड़ 85 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। यह दंपति पूर्व में संयुक्त राष्ट्र (UN) में सेवा कर चुके हैं और 2016 में दिल्ली आए थे। वे ग्रेटर कैलाश इलाके में रहते हैं।
फर्जी पुलिस और वीडियो कॉल के माध्यम से साइबर ठगी का खेल
इस जालसाजी में अपराधियों ने खुद को फर्जी पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपति को भयभीत किया। पहली बार वीडियो कॉल के जरिए सुप्रीम कोर्ट और नकली जज भी दिखाए गए। इतना ही नहीं, जब दंपति ने असली पुलिस यानी दिल्ली पुलिस के SHO से संपर्क किया, तो साइबर ठगों ने उन्हें धमकाया भी।
साइबर ठगों का शिकार बने डॉक्टर दंपति का अनुभव
डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा ने लगभग 48 साल तक अमेरिका में रहकर संयुक्त राष्ट्र (UN) में सेवाएं दी हैं। रिटायर होने के बाद वे भारत लौट आए और 2015 से चैरिटेबल कार्यों में लगे हुए हैं। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि एक दिन उनकी मेहनत की कमाई साइबर ठग लूट लेंगे।
24 दिसंबर को उनके पास साइबर अपराधियों का फोन आया, जिन्होंने फर्जी मुकदमों और अरेस्ट वारंट का भय दिखाया। इस डर से वे जाल में फंस गए। इन ठगों ने 10 जनवरी तक वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट में रखा और आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए।
डॉ. इंदिरा तनेजा के अनुसार, ठगों ने कभी दो करोड़ तो कभी 2 करोड़ 10 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। उन्होंने बताया कि इन अपराधियों ने उन्हें अरेस्ट वारंट और फर्जी मुकदमों के नाम पर डराया। साथ ही पीएमएलए और मनी लॉन्ड्रिंग कानून का हवाला देकर भी धमकाया।
डिजिटल अरेस्ट के दौरान, जब भी उन्हें कहीं बाहर जाना होता या किसी को कॉल करनी होती, तो साइबर ठग उनके पति के फोन पर वीडियो कॉल कर सब कुछ सुनते और देखते थे। इससे उन्हें यह भी पता चलता था कि वे किसी को बता तो नहीं रही हैं।
जब पहली बार बैंक गईं, तो बैंक मैनेजर ने भी पूछा कि इतनी बड़ी रकम क्यों ट्रांसफर कर रही हैं। इंदिरा ने वही कहानी बताई जो साइबर ठगों ने उन्हें समझाई थी। ठगों ने झूठी कहानी बनाकर उन्हें निर्देश दिए थे कि यदि बैंक का कोई कर्मचारी पूछे तो यही जवाब देना है।
अंत में, जब 10 जनवरी को उन्हें कहा गया कि वे अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन जाएं क्योंकि पैसा रिफंड किया जाएगा, तो वे वहां पहुंचीं। वहां भी ठग वीडियो कॉल पर थे और उन्होंने थाने के SHO से बात कराई। पुलिस में पहुंचने पर पता चला कि उनके साथ 14 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी हुई है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर यूनिट IFSO को जांच सौंप दी है। इस घटना ने बुजुर्ग दंपति को सदमे में डाल दिया है, और पुलिस अब अपराधियों की तलाश में जुटी है।










