मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर आरोप और राजनीतिक विवाद
सीनियर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली और विभागों के वितरण को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अपने 12 विभागों का नियंत्रण रखना एक बड़ी गलती है, जो उन्हें मुश्किल में डाल सकती है। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी गलती करता है और पैसे अपनी जेब में डालता है, तो अंततः मुख्यमंत्री ही जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
सीएम यादव के परिवार पर जमीन खरीदने के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
जब मुख्यमंत्री यादव के परिवार के सदस्यों द्वारा जमीन खरीदने के आरोपों पर सवाल उठे, तो दिग्विजय सिंह ने सीधे तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने विभागों का सही से प्रबंधन नहीं किया है। उन्होंने कहा, “मोहन यादव जी आपने 12 विभाग अपने पास रखे हैं, यह बहुत बड़ी गलती है। यदि कोई अधिकारी गलती करता है और पैसे कमाता है, तो आप ही फंसेंगे।” सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यादव के पास अभी सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज संसाधन, लोक सेवा प्रबंधन और प्रवासी भारतीय मामलों जैसे विभाग हैं, जिनमें से कुछ अन्य मंत्रियों को नहीं सौंपे गए हैं।
दिग्विजय सिंह का अपने कार्यकाल का अनुभव और भ्रष्टाचार के खिलाफ चेतावनी
दिग्विजय सिंह ने अपने दस साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके समय में उन पर कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हर फाइल की जांच की, लेकिन उन्हें कोई दोष नहीं मिला। सिंह ने कहा, “आप भी जांच कर सकते हैं, मोहन यादव जी। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मेरे पास ऐसा कोई विभाग नहीं था जिसमें गड़बड़ी हो।” उन्होंने यह भी कहा कि वे जमीन घोटाले की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें कौन-कौन लोग और कंपनियां शामिल हैं। सिंह ने यह भी कहा कि जो लोग बिकाऊ थे, वे पहले ही बीजेपी में चले गए हैं, और कांग्रेस के सदस्य अडिग हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि कांग्रेस लड़ने के लिए तैयार है और अपने सिद्धांतों पर कायम है।











