मध्य प्रदेश में युवा और छात्रों के मुद्दों पर राजनीतिक टकराव तेज
मध्य प्रदेश की राजनीति में अब छात्रों और युवाओं के हितों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ नामक कार्यक्रम को संबोधित करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब दो दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मध्य प्रदेश दौरा तय है।
भाजपा का दौरा और युवा संवाद की रणनीति
भाजपा ने अभी तक नितिन नवीन के दौरे का पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, वे उज्जैन, मंदसौर या इंदौर में युवाओं से संवाद कर सकते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा है कि दौरे का अंतिम कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस दौरे के माध्यम से राहुल गांधी के कार्यक्रम का मुकाबला करने की योजना बना रही है। मालवा क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, और कांग्रेस ने इसी क्षेत्र में राहुल गांधी का कार्यक्रम रखकर युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम और भाजपा की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान युवाओं और छात्रों के प्रमुख मुद्दों जैसे पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितता और बेरोजगारी को उजागर कर रहा है। यह कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को होना था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण इसे 19 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए इंदौर के रीजनल पार्क के सामने करीब 12 हजार वर्ग मीटर जमीन तीन दिनों के लिए किराए पर ली है, लेकिन अभी तक अंतिम अनुमति नहीं मिली है।
वहीं, भाजपा ने भी युवाओं के मुद्दों पर अपनी रणनीति स्पष्ट की है। प्रवक्ता उषा ठाकुर ने कहा कि भाजपा छात्रों की समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी साजिश का शिकार न बनें और अपनी बात भारतीय संस्कृति और मूल्यों के दायरे में रखें। भाजपा ने दिल्ली में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उसमें असामाजिक तत्वों का हस्तक्षेप था।
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह युवाओं से संवाद के नाम पर अभियान चला रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में छात्रों के मुद्दों पर उनका रुख अलग रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के संविधान संबंधी बयानों और पिछली सरकारों के संवैधानिक संशोधनों पर भी सवाल उठाए हैं।
19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मध्य प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले 17 सितंबर को नितिन नवीन का दौरा और युवाओं से संवाद भाजपा की रणनीति का हिस्सा हैं। आने वाले दिनों में छात्र, युवा, रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।









