सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने का मामला और सुरक्षा खामियां
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में हाल ही में हुई इमारत गिरने की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे में कई छात्रों की जान चली गई, और इसके बाद से ही क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल व्याप्त है। इस जर्जर इमारत के गिरने के बाद, आसपास के हॉस्टल और पीजी की स्थिति भी चिंताजनक हो गई है, जिनकी हालत भी उस खतरनाक इमारत जैसी ही है।
हॉस्टल संचालन में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन और अवैध निर्माण
यहां मौजूद ‘Hostel Daze’ नामक कंपनी कई हॉस्टल और इमारतों का संचालन कर रही है। हादसे वाली इमारत भी इसी कंपनी की थी। घटना के तुरंत बाद, यह बात सामने आई कि इस कंपनी का एक और हॉस्टल महज 70-80 मीटर की दूरी पर है, जहां सुरक्षा नियमों का उल्लंघन खुलेआम हो रहा है। इस हॉस्टल में सुरक्षा के कोई भी मानक नहीं अपनाए गए हैं।
खतरनाक स्थिति और प्रशासन का कदम
हॉस्टल के बाहर बिजली के जाल और लटकते तार खतरनाक स्थिति में हैं। बिजली के मीटर भी अनियमित ढंग से लगे हुए हैं। नियमों के अनुसार, इस इलाके में अधिकतम तीन मंजिलों की इमारतें ही अनुमति प्राप्त हैं, लेकिन यहां चार से पांच मंजिलों की अवैध इमारतें बनाकर छात्रों से भारी किराया वसूला जा रहा है।
इस हादसे के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि हादसे का कारण पुरानी और बेसमेंट में पानी भरने वाली इमारत थी। उन्होंने आसपास की जर्जर और असुरक्षित इमारतों को तुरंत गिराने का निर्देश दिया है। साथ ही, चेतावनी दी है कि इस मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











