मुंगेर में पुलिस थाने से ट्रक गायब होने का मामला सामने आया
बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस थाने की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब मुफ्फसिल थाना परिसर से एक 18 चक्का ओवरलोड ट्रक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। यह ट्रक खनन विभाग द्वारा जब्त किया गया था और उस पर 11 लाख 18 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। ट्रक लगभग एक महीने तक थाने में खड़ा रहा, फिर अचानक ही गायब हो गया। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर यह ट्रक थाना परिसर से कैसे निकला।
खबर का शुरुआत और ट्रक का जब्तीकरण
यह घटना 3 जुलाई की है, जब मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलिया तालाब के पास खनन विभाग की टीम चेकिंग कर रही थी। तभी एक 18 चक्का ट्रक दिखाई दिया, जिसमें गिट्टी भरी हुई थी और उसे ओवरलोड माना गया। खनन विभाग ने इस ट्रक को जब्त कर लिया और नियम उल्लंघन के कारण उस पर 11 लाख 18 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद ट्रक को थाना परिसर में खड़ा कर दिया गया, मानो वह पुलिस की निगरानी में हो। कम से कम कागजी कार्रवाई में तो यही कहानी थी। इस बीच, लगभग एक महीने तक मामला शांत रहा।
गायब ट्रक का रहस्य और जांच का दौर
फिर खनन विभाग की टीम ने एक दूसरी गाड़ी भी जब्त की और मुंगेर के मुफ्फसिल थाना पहुंची। तभी उन्हें पता चला कि जिस 18 चक्का ट्रक को 3 जुलाई को जब्त किया गया था, वह वहां मौजूद नहीं है। विभाग के अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि ट्रक को थाने में सौंपा गया था, फिर वह कैसे गायब हो गया? विभाग ने इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।
पुलिस और खनन विभाग के बीच हुई बातचीत में पता चला कि ट्रक को पीटीसी धनंजय कुमार को सौंपा गया था, और इसकी रिसीविंग भी कराई गई थी। लेकिन थानाध्यक्ष का कहना है कि उन्हें इस ट्रक के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही, खनन विभाग ने इस मामले में FIR भी दर्ज नहीं कराई थी।
अब सवाल उठ रहे हैं कि ट्रक थाने को सौंपा गया था, तो वह कहां गया? थाने की निगरानी किसने की? यदि थानाध्यक्ष को ट्रक की जानकारी नहीं थी, तो परिसर में खड़ा वाहन किसके जिम्मे था? और सबसे बड़ा सवाल, जब ट्रक थाने से निकला, तो किसी को पता क्यों नहीं चला? पुलिस इस रहस्य को सुलझाने में लगी है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लगभग एक महीने पहले खनन विभाग ने ट्रक को थाने को सौंपा था, लेकिन वह ट्रक अब गायब है। उन्होंने थानाध्यक्ष और खनन पदाधिकारी से पूछताछ की है। जांच के लिए मुख्यालय से डीएसपी के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है, जो तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही, खनन विभाग को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस गायब ट्रक की बरामदगी के लिए प्रयासरत है, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











