दिल्ली में सुरक्षा तैयारियों का व्यापक अभ्यास
15 अगस्त से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तेज़ी से तैयारियां की जा रही हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर लाल किला कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई है। इसी क्रम में राजधानी में एक बड़े स्तर का टेरर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 17 घंटे तक विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने भाग लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकी हमलों जैसी स्थिति का सामना करने के लिए सुरक्षा बलों की तत्परता और समन्वय का परीक्षण करना था।
सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त प्रयास और अभ्यास का नाम
दिल्ली पुलिस ने इस व्यापक अभ्यास को ‘सुदर्शन शक्ति-V’ नाम दिया है। इस अभियान में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, SWAT, जिला पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, ट्रैफिक पुलिस, क्राइम ब्रांच, PCR, मेट्रो यूनिट और IGI एयरपोर्ट की टीमें शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), भारतीय सेना, NDRF, CISF, BCAS, AAI, DMRC, फायर सर्विस, FSL, CATS, एंबुलेंस सेवाएं और स्वास्थ्य विभाग ने भी भाग लिया। इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि राजधानी में कहीं भी एक साथ कई आतंकवादी हमले हो जाएं, तो सुरक्षा एजेंसियां कितनी प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकती हैं।
अभ्यास के दौरान बनाए गए आतंकवादी हमले के सीन
मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न इलाकों में आतंकवादी हमलों जैसी परिस्थितियों का सृजन किया गया। इनमें एक साथ कई धमाकों का सीन रचा गया, तो कहीं अंधाधुंध गोलीबारी का दृश्य दिखाया गया। जवानों ने बंधक बनाने, विमान हाईजैक करने और केमिकल-रेडियोलॉजिकल हमलों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया। इन हालात में हर सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी तय की गई और यह देखा गया कि सभी टीमें कितनी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचती हैं और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करती हैं।
यह अभ्यास दिल्ली के कश्मीरी गेट ISBT, कनॉट प्लेस, नेहरू प्लेस मार्केट, सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली सचिवालय, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, IGI एयरपोर्ट, V3S मॉल, लाल किला मेट्रो स्टेशन, संस्कृति स्कूल, ISKCON मंदिर और कालकाजी मंदिर जैसी प्रमुख जगहों पर आयोजित किया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह अभ्यास 7 अगस्त की सुबह 10 बजे शुरू हुआ और लगभग 4 बजे तक चला, यानी कुल मिलाकर करीब 17 घंटे का यह अभ्यास दिल्ली में होने वाली वार्षिक काउंटर टेरर एक्सरसाइज का पांचवां संस्करण था। पहले इसे ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ के नाम से जाना जाता था। इस बार इस पूरे अभ्यास का समन्वय गृह मंत्रालय के निर्देश पर NSG और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किया।
वर्तमान में, स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और आपसी तालमेल का परीक्षण करना था, ताकि देश की राजधानी को आतंकियों से सुरक्षित रखा जा सके।











