मृत्युंजय तिवारी का भाजपा में प्रवेश और बिहार राजनीति में बदलाव
प्रसिद्ध पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने पूर्व दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से इस्तीफा दे दिया था, जिसमें उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर निरंतर उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाया। बिहार की राजनीतिक हलकों में इस कदम को एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है।
राजद से इस्तीफे का कारण और तिवारी का राजनीतिक सफर
मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक राजद के प्रमुख चेहरे रहे हैं। अपने इस्तीफे के दौरान उन्होंने बताया कि 2014 में जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी, तब लालू प्रसाद यादव ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने इस पद का ईमानदारी से निर्वहन किया और पार्टी की विचारधारा को जनता तक पहुंचाने का काम किया।
2022 में जब पार्टी के कई विधायक अलग हो गए और संगठन संकट में था, तब भी उन्होंने पूरी निष्ठा से पार्टी का समर्थन किया। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके साथ लगातार अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे वे गहरे आहत हुए।
पार्टी में आंतरिक असंतोष और भाजपा में शामिल होने का संकेत
मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी नाराजगी कई वरिष्ठ नेताओं के सामने व्यक्त की और तेजस्वी यादव को भी इस स्थिति से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना है कि पार्टी में कुछ नेताओं का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि उनकी बात को अनसुना किया जाता है और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
उनका मानना है कि इस असंतोष के कारण ही उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है, जो बिहार की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत है। यह कदम राजनीतिक समीकरणों को बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है।









