दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
देश की राजधानी दिल्ली में जनता पार्टी के ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कई मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए हैं, साथ ही वीवीआईपी इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सख्त कानून और सुरक्षा उपायों के साथ प्रदर्शन पर प्रतिबंध
प्रधानमंत्री आवास, विजय चौक, गृहमंत्री आवास, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह की भीड़ को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी विरोध प्रदर्शन या जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों का एक स्थान पर जमा होना, प्रदर्शन करना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है।
सुरक्षा बलों का व्यापक एक्शन प्लान और तैनाती
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को रोकने के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है। खुफिया एजेंसियों और स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के आधार पर हर घंटे प्रदर्शन स्थल की निगरानी की जा रही है। भारी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं, जिनमें सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की 25 से अधिक बटालियनें शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली को 15 जोनों में विभाजित किया गया है, और वरिष्ठ अधिकारी खुद सुरक्षा का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने के निर्देश हैं, जिसमें तोड़फोड़, लूटपाट या आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए हैं। साथ ही, नई दिल्ली के केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के गेट भी बंद कर दिए गए थे, लेकिन अब इन्हें खोल दिया गया है। अभी भी कुछ मेट्रो स्टेशन बंद हैं, और आवश्यकतानुसार यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी जारी है।









