2020 दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का फैसला
कड़कड़डूमा कोर्ट ने साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। इस फैसले में पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या का दोषी माना गया है। हालांकि, अदालत ने उनके खिलाफ आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) के आरोप को खारिज कर दिया है।
मामले में दोषी पाए गए आरोपियों का विवरण और कोर्ट का निर्णय
इस मामले में कुल 11 आरोपियों में से अदालत ने पांच को दोषी करार दिया है। ताहिर हुसैन भी इन दोषियों में शामिल हैं। अन्य आरोपियों पर भी अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। फरवरी 2020 में हुई इस हत्या के दौरान अंकित शर्मा का शव एक नाले से बरामद किया गया था। उनके शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान पाए गए, जिनमें धारदार हथियार से किए गए घाव भी शामिल हैं।
हत्या का पूरा घटनाक्रम और अदालत का फैसला
अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने दंगा, हत्या, अपहरण, सबूत मिटाने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने जैसे आरोपों के तहत भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने इन आरोपियों को आईपीसी की धाराओं 302, 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत दोषी ठहराया है। इस हिंसक घटना में 53 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस फैसले को 2020 के दिल्ली दंगा मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी मील का पत्थर माना जा रहा है।










