दिल्ली में बिजली बिल पर राहत: जुलाई 2026 में कोई बढ़ोतरी नहीं
दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खुशखबरी है कि जुलाई 2026 में बिजली बिल पर लगने वाले पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इस बार उपभोक्ताओं को राहत मिली है, खासकर TPDDL के ग्राहकों को, क्योंकि इस कंपनी का PPAC पहले के मुकाबले घटा दिया गया है। वहीं, BRPL और BYPL के उपभोक्ताओं के लिए PPAC स्थिर रहेगा, जिससे उनके बिलों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
PPAC का महत्व और नई दरें
PPAC यानी Power Purchase Adjustment Cost वह अतिरिक्त शुल्क है जो बिजली वितरण कंपनियां अपनी बिजली खरीद लागत में बदलाव के आधार पर अपने बिलों में जोड़ती या घटाती हैं। यदि PPAC बढ़ता है, तो उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना पड़ता है, जबकि इसमें कमी आने पर उन्हें राहत मिलती है। इस बार जुलाई 2026 से लागू नई दरों के अनुसार TPDDL का PPAC 15.99 प्रतिशत से घटकर 12.21 प्रतिशत हो गया है। इसका अर्थ है कि TPDDL के ग्राहक अब कम PPAC का भुगतान करेंगे। वहीं, BRPL का PPAC पहले जैसा ही 17.94 प्रतिशत रहेगा, और BYPL का PPAC भी 17.43 प्रतिशत पर स्थिर रहेगा।
बिजली वितरण कंपनियों का क्षेत्र और प्रभाव
दिल्ली में बिजली की आपूर्ति मुख्य रूप से तीन प्रमुख कंपनियों द्वारा की जाती है। TPDDL उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में बिजली प्रदान करता है, जबकि BRPL दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में सेवा देता है। वहीं, BYPL पूर्व और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में बिजली पहुंचाता है। इन कंपनियों के नए PPAC दरें उनके क्षेत्र के अनुसार लागू होंगी, और इस बार TPDDL के उपभोक्ताओं को सबसे अधिक लाभ हुआ है, क्योंकि उनके लिए PPAC में कमी आई है।









