ओल्ड राजेंद्र नगर की लाइब्रेरी हादसे की जांच का अपडेट
27 जुलाई 2024 को ओल्ड राजेंद्र नगर (Old Rajendra Nagar) के राउस इंस्टीट्यूट (RAU Institute) के बेसमेंट में अचानक पानी भरने से एक दुखद घटना हुई, जिसमें तीन बच्चों की मौत हो गई। उस समय वहां एक लाइब्रेरी संचालित हो रही थी, और पानी भरने के कारण यह त्रासदी हुई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया।
सीबीआई की जांच और अधिकारियों पर कार्रवाई
जांच के दौरान, सीबीआई ने तीन जूनियर अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में क्लीन चिट दी गई, क्योंकि उनका तर्क था कि उन्हें पता नहीं था कि RAU की IAS (Indian Administrative Service) एकेडमी के बेसमेंट में अवैध रूप से लाइब्रेरी चल रही थी। ‘आजतक’ की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
वर्तमान स्थिति और लाइब्रेरी का स्थानांतरण
पिछले दो वर्षों में हुई कार्रवाई के बावजूद, लाइब्रेरी को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। हमारी टीम ने देखा कि लाइब्रेरी अब बिल्डिंग की पहली और दूसरी मंजिल पर स्थानांतरित हो चुकी है, जहां नियमों का उल्लंघन जारी है। खासकर ‘रेवोल्यूशन लाइब्रेरी’ नामक लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया, जो पहली मंजिल पर थी। वहां जाने का एकमात्र रास्ता डेढ़ फीट से भी कम चौड़ा था, और बाहर बिजली के ढीले तार लटक रहे थे।
जब हम वहां पहुंचे, तो देखा कि कई छात्र कंप्यूटर पर पढ़ रहे थे और एयर कंडीशनर भी चल रहे थे, जिससे बिजली की खपत बहुत अधिक हो रही थी। लाइब्रेरी के प्रबंधन से पूछा गया कि क्या उनके पास फायर डिपार्टमेंट और MCD (Municipal Corporation of Delhi) से एनओसी (No Objection Certificate) है। शुरुआत में उन्होंने हां कहा, लेकिन जब सवाल किया कि नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद परमिशन कैसे मिली, तो वे टालमटोल करने लगे। अंततः पता चला कि लाइब्रेरी बिना किसी अनुमति के संचालित हो रही थी।
इसके बाद, जब टीम ने पुनः प्रवेश किया, तो गेट को जल्दी से बंद कर दिया गया, और अंदर से लाइब्रेरी का निरीक्षण नहीं हो सका। यह स्थिति उस समय भी देखी गई, जब 23 जून को लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद ऐसी ही स्थिति का खुलासा हुआ था। दिल्ली सरकार ने तब कहा था कि अवैध कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। सवाल यह उठता है कि यदि प्रशासन की लापरवाही और लाइब्रेरी मालिकों के लालच के कारण छात्र अपनी जान गंवाते हैं, तो इसके जिम्मेदार कौन होंगे?









