दिल्ली में अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई जारी
दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को अधिकारियों ने राजधानी में 86 संपत्तियों की अचानक जांच की, जिसमें से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 16 अवैध इमारतों को तोड़ दिया और 29 स्थानों को सील कर दिया। यह अभियान हाल ही में हौज रानी इलाके में हुए भीषण आग हादसे के बाद तेज किया गया है, जिसमें 22 लोगों की जान चली गई थी। इस दुर्घटना के बाद से ही प्रशासन अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है।
अवैध निर्माणों के खिलाफ तेज़ कदम और जांच का दायरा
रेवन्यू डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, केवल मंगलवार को ही 86 संपत्तियों की जांच की गई, जबकि 5 जून से 9 जून के बीच कुल 538 संपत्तियों की जांच पूरी हो चुकी है। इस दौरान नोटिस जारी करने, सीलिंग, तोड़-फोड़ और खाली कराने जैसी कार्रवाई की गई। एमसीडी ने इस दौरान 21 शो-कॉज नोटिस, 57 सीलिंग नोटिस और 22 इमारतों को गिराने के आदेश भी जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हौज रानी में आग लगने के बाद से यह अभियान और तेज हो गया है।
किस इलाक़े में क्या हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी
दिल्ली के विभिन्न जिलों में प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। साउथ जिले में एक संपत्ति को सील कर तोड़-फोड़ की गई, वहीं साउथ-ईस्ट जिले में अवैध निर्माण हटाने और रोक लगाने के आदेश दिए गए। पुरानी दिल्ली में एक इमारत को सील कर तोड़-फोड़ की गई, साथ ही नोटिस भी जारी किए गए। नॉर्थ-ईस्ट जिले में कई होटलों, गेस्ट हाउसों और बैंक्वेट हॉल्स को फायर सेफ्टी और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन पर नोटिस भेजे गए। इसके अलावा, सेंट्रल और न्यू दिल्ली जिलों में भी कार्रवाई की गई, जबकि ईस्ट जिले में प्रॉपर्टी मालिकों से दस्तावेज और मंजूरी दिखाने को कहा गया।










