ग्वालियर में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का खुलासा
ग्वालियर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें शादी के नाम पर ठगी का खेल खेला गया। जबलपुर के एक युवक की शादी कराई गई, जो पहले से ही शादीशुदा निकला। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस धोखाधड़ी में शामिल एक युवक ने ही दुल्हन का पति होने का दावा किया, जबकि वह असल में उसका पति था। पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने लुटेरी दुल्हन समेत सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी का पूरा खेल और आरोपी का असली चेहरा
रतन की मां और भाई ने सोनू तिवारी की बात मानकर लड़की देखने गए। पसंद आने के बाद रिश्ता तय कर लिया गया। इसके बाद रतन जबलपुर से ग्वालियर आया और शादी की तैयारियों में जुट गया। 27 अप्रैल 2026 को आरोपी सोनू चौहान ने खुद को लड़की का भाई बताकर गोद भराई की रस्म करवाई। फिर 7 मई को सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई, जिसमें करीब सात लाख रुपये खर्च हुए। शादी के दौरान सोनू की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि उसकी बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी शादी में शामिल हुए। शादी के बाद दुल्हन को विदा कर घर लाया गया।
व्हाट्सएप चैट से खुला राज और पुलिस की कार्रवाई
शादी के बाद दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से चैट कर रही थी, जिससे रतन को शक हुआ। जब उन्होंने उसका मोबाइल चेक किया, तो व्हाट्सऐप चैट देखकर उनके होश उड़ गए। जांच में पता चला कि भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही असली पति है। दोनों ने 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। इस खुलासे के बाद रतन और उनके परिवार को समझ आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से शादी कर लाखों रुपये की ज्वेलरी और नकदी लूटने का प्रयास कर रहा था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया और दुल्हन को पकड़कर झांसी रोड थाने ले गए। पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लुटेरी दुल्हन को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है, जबकि उसके कथित पति सोनू चौहान को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।











