हरियाणा के पानीपत में परिवार का दुखद अंत
हरियाणा के पानीपत जिले के नारा गांव में एक खुशहाल परिवार अचानक टूट गया है। घर का इकलौता बेटा और उसकी माता-पिता की जिंदगी तबाह हो गई जब घरेलू कलह और मानसिक तनाव से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना में घर के मुखिया 46 वर्षीय राजेश और उनकी 44 वर्षीय पत्नी सुमन ने सल्फास खाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बहू को हिरासत में ले लिया है।
दिल्ली की लड़की से शादी और गांव की परंपरा का टकराव
राजेश और सुमन का एकमात्र बेटा आशीष सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। लगभग दो साल पहले, इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से उसकी मुलाकात दिल्ली की रहने वाली स्नेहा से हुई। दोनों के बीच प्रेम गहरा हुआ और आशीष ने अपने परिवार के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। परिवार ने बेटे की खुशी में सहमति दी और जनवरी 2025 में दिल्ली में धूमधाम से शादी कराई गई।
स्नेहा का दिल्ली का आधुनिक जीवनशैली और गांव की परंपरा में टकराव
शादी के बाद जब स्नेहा पानीपत के नारा गांव पहुंची, तो उसे दिल्ली के खुले और आधुनिक माहौल की याद सताने लगी। वह अक्सर छोटे और मॉडर्न कपड़े पहनती थी, पब और पार्टियों में जाना उसकी दिनचर्या का हिस्सा था। ग्रामीण परंपराओं के अनुसार, सास-ससुर चाहते थे कि वह साड़ी या सूट पहने। इस बीच, स्नेहा को अपनी आजादी और आधुनिक जीवनशैली में दखल मानते हुए परिजन परेशान थे।
गांव में एक बार फिर से कपड़ों और रहन-सहन को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि स्नेहा ने अपनी सास-ससुर को ताने मारते हुए कहा, “जो न देख पाए… वो मर जाए।” इस बात से आहत राजेश और सुमन ने घर में रखा जहरीला पदार्थ निगल लिया। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सुमन की मौत हो गई और राजेश ने रविवार को रोहतक (Rohtak) के पीजीआई में दम तोड़ दिया।
मृतक सास का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए कह रही हैं कि वे अपनी बहू और उसके परिवार से बहुत परेशान हैं। बहू गांव की परंपराओं का पालन नहीं कर रही है और उनके साथ बदसलूकी कर रही है। पुलिस ने इस मामले में बहू स्नेहा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।











