हरियाणा में पेयजल संकट का गहरा प्रभाव
हरियाणा के कई इलाकों में भीषण गर्मी के कारण पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। खासतौर पर हिसार के हांसी क्षेत्र के चानौत गांव में पानी की आपूर्ति को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। पिछले लगभग दो सप्ताह से ग्रामीण हांसी शहर के लिए बन रही भाखड़ा (Bhakra) पेयजल पाइपलाइन के कार्य को बाधित कर रहे हैं। इस गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसने इस आंदोलन को और तेज कर दिया है।
स्थायी पेयजल की मांग और आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत में शामिल कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया, जिनमें इनेलो (INLD) के सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, हिसार सांसद जय प्रकाश, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और हर्ष छिकारा शामिल थे। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जिस पाइपलाइन से हांसी शहर को पानी मिल रहा है, उसी लाइन से चानौत गांव को भी स्थायी पेयजल कनेक्शन प्रदान किया जाए। पंचायत ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि 1 जून तक गांव को पानी नहीं मिला, तो वे पाइपलाइन तोड़कर सड़क पर डाल देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पानी दिए किसी भी हालत में पाइपलाइन गांव से नहीं जाने दी जाएगी।
आंदोलन और सरकार पर आरोप
अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गांव को पानी नहीं देना चाहती। वहीं, सांसद जय प्रकाश ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को जल्द ही समाधान निकालना चाहिए। जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि जब तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि चानौत गांव को अकेला न समझा जाए। पूरा हरियाणा इस गांव के साथ खड़ा है। पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने भी कहा कि गांव वर्षों से पानी की भारी कमी से जूझ रहा है, और जब तक पानी नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
इसी बीच, चरखी दादरी में भी पानी का संकट गहरा गया है। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक हफ्ते से पेयजल की भारी कमी देखी जा रही है। कई क्षेत्रों में लोग पीने का पानी तक नहीं पा रहे हैं। स्थानीय निवासी संदीप फोगाट, सुदामा प्रसाद और प्रीतम साहू का कहना है कि सरकारी सप्लाई ठप होने के कारण वे पूरी तरह से निजी वॉटर टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं, जिनकी कीमत 800 से 900 रुपये प्रति टैंकर है। यह मध्यम और गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ा बोझ बन गया है। वर्तमान में क्षेत्र के अधिकांश जलघर और नहरें सूखी पड़ी हैं। इस स्थिति को देखते हुए हरियाणा के जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने दो उप-मंडल अधिकारियों (SDO) और दो कनिष्ठ अभियंताओं (JE) को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने कहा कि उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है और तुरंत पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहन लाल जांगड़ा ने बताया कि शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई मुख्य पाइपलाइनें बिछाई गई हैं, लेकिन तकनीकी कारणों से कुछ क्षेत्रों में अस्थायी दिक्कतें आ रही हैं। हरियाणा के कई इलाकों में पानी का संकट लगातार बढ़ रहा है, और अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा, जबकि जमीन पर लोग तत्काल और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।











