कुरुक्षेत्र NIT में छात्र मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है
कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में हाल के दो महीनों में चार छात्रों की मौत ने पूरे परिसर में चिंता और आक्रोश का माहौल बना दिया है। इन घटनाओं ने न केवल छात्रों के मनोबल को गिराया है, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि संस्थान के अधिकारियों ने छात्राओं को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरती और जब उन्होंने सवाल उठाए तो प्रोफेसरों ने असभ्य और शर्मनाक टिप्पणियां कीं। इस स्थिति को देखते हुए छात्र अब सीबीआई (CBI) जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कॉलेज प्रशासन मामले को दबाने के लिए जबरन छुट्टियों का सहारा ले रहा है।
छात्रों का आरोप: प्रशासन की लापरवाही और जांच की मांग
छात्रों का कहना है कि इन मौतों के पीछे संस्थान की खराब व्यवस्था और लापरवाही मुख्य कारण हैं। दीक्षा नामक छात्रा ने मरने से पहले कुछ नोट्स छोड़े हैं, जिनमें उन्होंने अपने मनोबल और कॉलेज की व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। छात्रों का मानना है कि इन घटनाओं को दबाने के लिए प्रशासन ने बिना उचित कारण के अचानक छुट्टियों की घोषणा कर दी है और छात्रों को जबरन घर भेजा जा रहा है। यह कदम न केवल छात्रों के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि इस पूरे मामले को छुपाने का प्रयास भी प्रतीत होता है। छात्रों का कहना है कि इन मौतों को भुलाने के लिए घर भेजने का कदम अस्वीकार्य है और वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
क्या छुट्टियों का मकसद मामला दबाना है?
छात्रों का सवाल है कि क्या इन मौतों के बाद अचानक छुट्टियों का ऐलान कर प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद, कॉलेज प्रशासन का रवैया छात्रों के प्रति उदासीन रहा। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल उनकी आवाज दबाई जा रही है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से भी रोका जा रहा है। छात्रों की मुख्य मांग है कि इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच हो और कॉलेज के खराब प्रबंधन को तुरंत सुधारा जाए। यह कदम न केवल छात्रों के हित में है, बल्कि संस्थान की विश्वसनीयता को भी बहाल करेगा।











