अवि प्रसाद की जीवन यात्रा और प्रशासनिक सफर
अवि प्रसाद का जीवन और करियर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरा हुआ है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से आने वाले इस अधिकारी ने अपने प्रारंभिक दिनों में वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने का सपना देखा था। बाद में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में भी सफलता हासिल की और 2014 में यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक प्राप्त कर IAS में अपनी जगह बनाई। उनके पिता का नाम टम्बेश्वर प्रसाद (बच्चा बाबू) है, जो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई, जो बाद में उनकी पहली पत्नी बनीं। वर्तमान में रिजु बाफना मध्य प्रदेश के शाजापुर की कलेक्टर हैं। हालांकि, उनका यह वैवाहिक रिश्ता अधिक समय तक नहीं टिक पाया।
प्रशासनिक पदों पर उनकी भूमिका और व्यक्तिगत जीवन
2016 में अवि प्रसाद ने IAS अधिकारी मिशा सिंह से शादी की, जिसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश कैडर चुना। वर्तमान में वे रतलाम के कलेक्टर हैं, जहां उनकी सक्रिय और प्रभावशाली प्रशासनिक शैली की सराहना की जाती है। रतलाम में विकास कार्यों की निगरानी, योजनाओं की समीक्षा और औचक निरीक्षण उनके कार्य का मुख्य हिस्सा हैं। हालांकि, यह शादी भी कुछ वर्षों में समाप्त हो गई। इसके बाद, 2017 बैच की IAS अधिकारी अंकिता धाकरे से उन्होंने विवाह किया। दोनों ने 11 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक सादगीपूर्ण समारोह में शादी की, जो वन्यजीव संरक्षण के कारण हाल के वर्षों में चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर इस विवाह को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, कुछ ने इसे व्यक्तिगत निर्णय कहा तो कुछ ने उनके बदलते वैवाहिक जीवन पर सवाल उठाए।
सख्त फैसले और प्रशासनिक प्रतिबद्धता
व्यक्तिगत जीवन की चर्चाओं से अलग, अवि प्रसाद की प्रशासनिक छवि भी मजबूत मानी जाती है। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले, वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के पद पर रह चुके हैं। कटनी जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को सख्ती से लागू किया गया। उनके इस प्रयास की राज्य स्तर पर प्रशंसा हुई है। समर्थक उनका मानना है कि वे फाइलों से अधिक फील्ड पर भरोसा करते हैं। अभी तक उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।









