मध्य प्रदेश में वकीलों का विरोध प्रदर्शन और अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग
शिवपुरी जिले में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पूरे प्रदेश में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस घटना के विरोध में मध्य प्रदेश के अधिवक्ता समुदाय ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रदेश भर के वकीलों ने सोमवार को न्यायालयीन कार्य से विरत रहकर सरकार से तुरंत एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग दोहराई है।
वकीलों का एकजुट आंदोलन और सरकार से अपेक्षा
शिवपुरी में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश के अधिवक्ता संगठन एकजुट हो गए हैं। जबलपुर के राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर सभी जिलों में वकील न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। इंदौर में जिला और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने भी अपने कार्य से विराम लिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पिछले बीस वर्षों से लगातार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक केवल आश्वासन ही दिया है।
वकीलों की चेतावनी और कानून की आवश्यकता
इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वर्ष 2012 से सरकार अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने का आश्वासन देती आ रही है, परंतु अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। वकील चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द ही यह कानून नहीं लाया गया, तो उनका आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। वकीलों का मानना है कि इस कानून के बिना न्याय व्यवस्था में सुरक्षा का अभाव रहेगा और अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।











