इंदौर के सराफा बाजार में भिखारी विवाद का नया मोड़
इंदौर के प्रसिद्ध सराफा बाजार में भीख मांगने वाले एक व्यक्ति को लेकर लगातार नई बातें सामने आ रही हैं। जैसे ही यह मामला मीडिया में उजागर हुआ, भिखारी मांगीलाल के भतीजे ने सामने आकर प्रशासन के दावों को खारिज कर दिया। भतीजे का कहना है कि उनका तीन मंजिला मकान उसकी मां यानी भिखारी की भाभी के नाम पर है, और वह खुद उस घर का लोन चुका रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके चाचा सराफा बाजार में भीख मांगने नहीं, बल्कि अपने उधार दिए गए पैसे वसूलने जाते थे। गलतफहमी के कारण उन्हें भिखारी समझकर पकड़ लिया गया।
भतीजे का दावा: संपत्तियों का सही रिकॉर्ड मौजूद है
भतीजे ने स्पष्ट किया कि उनके चाचा की संपत्तियों के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उनका यह भी कहना है कि तीन मंजिला घर सरकारी रिकॉर्ड में उनकी मां के नाम पर रजिस्टर्ड है और वह घर के लिए लिए गए लोन की किश्तें नियमित रूप से चुका रहे हैं। उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज भी मौजूद हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके चाचा का दूसरे घर का मालिकाना हक किसी अन्य व्यक्ति के साथ विवाद में है।
सर्राफा बाजार में ब्याज पर पैसे देने का आरोप और भिखारी की तस्वीरें
भतीजे ने यह भी दावा किया कि उनके चाचा सर्राफा बाजार में छोटे व्यापारियों को ब्याज पर पैसा देते हैं। वह इस पैसे को इकट्ठा करने के लिए बाजार जाते थे। गलतफहमी के कारण, उनकी तस्वीरें भिखारी के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा के अनुसार, इस व्यक्ति की जीवनशैली किसी अमीर व्यापारी जैसी है। उनके पास तीन पक्के घर, तीन ऑटो-रिक्शा और एक कार है, जिसके लिए उन्होंने एक ड्राइवर भी रखा है। वह ब्याज पर छोटे व्यापारियों को 4 से 5 लाख रुपये उधार देते हैं, जिससे रोजाना 1000 से 2000 रुपये की आय होती है।










