धार की भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट का फैसला और विवाद
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को लेकर शुक्रवार को उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद यह मामला फिर से चर्चा का विषय बन गया है। न्यायालय ने हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस स्थल को हिंदू मंदिर माना है। इस फैसले के तुरंत बाद आज तक की टीम ने भोजशाला परिसर का दौरा किया, जहां कई ऐतिहासिक चिन्ह और आकृतियां कैमरे में कैद हुईं, जो लंबे समय से हिंदू समुदाय के दावों का आधार मानी जाती हैं।
प्राचीन प्रतीकों और धार्मिक संकेतों का खुलासा
आज तक के कैमरे ने भोजशाला के अंदर मौजूद प्राचीन खंभों और दीवारों पर स्पष्ट रूप से कई सनातन प्रतीकों को दिखाया है। इस परिसर में कुल 104 प्राचीन खंभे हैं, जिन पर विभिन्न धार्मिक आकृतियों की नक्काशी की गई है। इनमें भगवान गणेश की मूर्ति, घंटियां, रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक और अन्य हिंदू धार्मिक चिन्ह शामिल हैं। कई खंभों पर की गई नक्काशी मंदिर वास्तुकला की शैली से मेल खाती प्रतीत होती है।
धार्मिक प्रतीकों और वास्तुकला का महत्व
भोजशाला की दीवारों पर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ सरस्वती नमः’ जैसे धार्मिक शब्द भी स्पष्ट रूप से देखे गए हैं। इसके साथ ही छत पर कमल के फूल की आकृति भी मौजूद है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। हिंदू समुदाय का दावा है कि ये सभी प्रतीक इस बात के प्रमाण हैं कि यह स्थल मूल रूप से मां सरस्वती का मंदिर था।











