दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में राजनीतिक हलचल
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के हालिया उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीन सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है, लेकिन पुरानी दिल्ली की चांदनी महल सीट पर पार्टी का सियासी खेल बिगड़ गया है। इस हार का कारण पार्टी के पूर्व विधायक शोएब इकबाल का विरोधी रुख माना जा रहा है। इस वजह से पार्टी को इस महत्वपूर्ण सीट को गंवाना पड़ा है।
चांदनी महल सीट पर मुकाबला और बगावत के कारण हार
मौजूदा चुनावी माहौल में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की शालीमार बाग सीट और विधायक आले मोहम्मद इकबाल की चांदनी महल सीट पर सबसे ज्यादा नजरें टिकी थीं। जहां रेखा गुप्ता ने अपनी सीट सुरक्षित रखी, वहीं आले मोहम्मद इकबाल के बगावती तेवरों ने आम आदमी पार्टी को इस सीट से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया। सवाल उठता है कि क्या विधायक आले इकबाल की विधायकी भी खतरे में पड़ जाएगी।
आले मोहम्मद इकबाल का बगावती रुख और पार्टी की प्रतिक्रिया
मटिया महल विधानसभा सीट से विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने अपने पिता शोएब इकबाल के साथ मिलकर पार्टी के उम्मीदवार मुदस्सिर कुरैशी को हराने में अहम भूमिका निभाई। जब पार्टी ने मुदस्सिर को प्रत्याशी बनाया, तो शोएब इकबाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और इमरान खान का समर्थन किया। दोनों ने मिलकर चुनाव प्रचार किया और चांदनी महल सीट पर मोहम्मद इमरान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुदस्सर उस्मान को 4692 वोटों से हराया। इस हार में शोएब और आले मोहम्मद इकबाल का बड़ा योगदान माना जा रहा है।
आले मोहम्मद इकबाल ने अपनी जीत का जश्न मनाते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत का परिणाम है और यह जीत उनके इलाके के लोगों की है। उन्होंने यह भी कहा कि साजिश करने वाले हार गए हैं और हक की जीत हुई है। साथ ही, उन्होंने अपने पिता के साथ अपनी निष्ठा जाहिर की और कहा कि वे उनके साथ खड़े हैं।
शोएब इकबाल ने अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके बेटे की जीत से जलन महसूस की और तभी से उनके खिलाफ खटास बनी हुई है। शोएब ने यह भी दावा किया कि उन्होंने केजरीवाल का घमंड तोड़ दिया है।
बता दें कि चांदनी महल सीट पर उपचुनाव में छह बार के विधायक शोएब इकबाल ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार को पार्टी से टिकट दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन पार्टी ने उनकी मर्जी के उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया। इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (All India Forward Bloc) के प्रत्याशी मोहम्मद इमरान को समर्थन दिया। उनके बेटे और विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने भी खुलकर इमरान का साथ दिया और इस जीत में अहम भूमिका निभाई।
अब सवाल यह है कि क्या विधायक आले मोहम्मद इकबाल की विधायकी खतरे में पड़ जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है। पार्टी उनके खिलाफ सबूत जुटा रही है, ताकि विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कराई जा सके। वहीं, आले मोहम्मद इकबाल भी इस स्थिति के लिए तैयार हैं और अपने कदमों की योजना बना रहे हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में शोएब और आले मोहम्मद इकबाल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। असीम अहमद खान के कांग्रेस में लौटने के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों नेताओं को नया ठिकाना तलाशना पड़ेगा। चांदनी महल सीट जीतने के बाद शोएब इकबाल ने कांग्रेस में शामिल होने का रास्ता भी साफ कर दिया है।










