छतरपुर में यूरिया वितरण के दौरान महिला किसानों के साथ बदसलूकी का मामला
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में यूरिया खाद वितरण के समय एक शर्मनाक घटना प्रकाश में आई है, जिसमें महिला नायब तहसीलदार ने महिला किसानों के साथ न केवल अभद्रता की बल्कि उनके बाल पकड़कर खींचे और मारपीट भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नायब तहसीलदार रितु सिंघई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस घटना से महिला और पुरुष किसान दोनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
खाद वितरण के दौरान हुई हिंसा और किसानों का गुस्सा
यह घटना छतरपुर के सटई रोड स्थित कृषि उपज मंडी की है, जहां बुधवार दोपहर लगभग 1 बजे 1500 से अधिक किसान खाद खरीदने के लिए जमा हुए थे। लंबी लाइनों और यूरिया की कमी के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि प्रशासन ने पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई थीं, लेकिन जब एक किसान की बेटी ने टोकन मांगा, तो नायब तहसीलदार सिंघई ने पहले मना किया और फिर उसे थप्पड़ मार दिया।
किसानों का कहना है कि वह सुबह 9 बजे से लाइन में खड़ी हैं और अपने माता-पिता की मदद के लिए आई थीं, क्योंकि उन्हें दो महीने से खाद नहीं मिला है। किसानों ने प्रदर्शन कर सड़क जाम भी किया, जिसमें उनका आरोप था कि खाद के 15 ट्रक ब्लैक मार्केट में बेचे जा रहे हैं।
वहीं, सिंघई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ महिलाएं पुरुषों की लाइन में घुस गईं, उनके कॉलर खींचे और अफरा-तफरी मचाई। उन्होंने पत्रकारों के मोबाइल फोन छीनने के आरोपों को भी गलत बताया और कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने हल्का धक्का दिया। दूसरी ओर, किसान की बेटी ने इन सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि नायब तहसीलदार ने उसके बाल खींचे और महिलाओं के साथ हाथापाई की।
कलेक्टर का नोटिस और अधिकारी की तबीयत खराब
कलेक्टर ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बाद सिंघई बीमार पड़ गईं और उन्हें जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। मध्य प्रदेश सिविल सर्विस (कंडक्ट) रूल्स 1965 का हवाला देते हुए कलेक्टर ने सिंघई से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है। यदि वह जवाब नहीं देती हैं, तो सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विपक्ष ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसान खाद मांगते हैं तो प्रशासन उन्हें थप्पड़ मारता है। विपक्षी नेता ने मुख्यमंत्री से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।









