बिहार विधानसभा चुनाव में भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे का राजनीतिक पदार्पण
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भोजपुरी गायक रितेश पांडे ने अपनी पहली राजनीतिक पारी शुरू की। उन्होंने चुनाव से पहले ही प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) में शामिल होकर करगहर सीट से अपना भाग्य आजमाया। इस चुनावी कदम ने उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाई, लेकिन अब उनकी पार्टी से दूरी बन गई है।
रितेश पांडे ने सोशल मीडिया पर पार्टी से इस्तीफा दिया
हाल ही में रितेश पांडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर एक पोस्ट के माध्यम से जन सुराज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए उन्होंने लोकतंत्र के इस महापर्व में भाग लिया। उन्होंने कहा कि परिणाम चाहे जो भी रहे, उन्होंने अपने कार्य को ईमानदारी से किया है और इस पर उन्हें कोई अफसोस नहीं है।
रितेश ने अपने पोस्ट में यह भी संकेत दिए कि अब वह राजनीति से संन्यास ले रहे हैं और अपने मूल काम यानी जनता की सेवा जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने छोटे से किसान परिवार से उठकर यहां तक पहुंचने के लिए जनता का प्यार, सम्मान और दुलार प्राप्त किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना अब उनके लिए बहुत कठिन हो गया है। इसलिए, वह आज ही अपनी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके शब्दों को लोग समझेंगे और इस निर्णय का सम्मान करेंगे।
2024 लोकसभा चुनाव के बाद की गतिविधियों और भविष्य की योजनाएं
गौरतलब है कि रितेश पांडे ने 2024 के लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीनों बाद ही कैमूर जिले में अपने कार्यालय का उद्घाटन किया था। उन्होंने बिहार चुनाव में भाग लेने का संकेत जरूर दिया था, लेकिन अपनी रणनीति को सार्वजनिक नहीं किया। चुनाव से ठीक पहले ही वह प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की पार्टी में शामिल हो गए थे।
जन सुराज पार्टी की पहली सूची में रितेश की उम्मीदवारी का भी ऐलान हुआ था, लेकिन पार्टी ने उन्हें कैमूर जिले की करगहर सीट से उम्मीदवार बनाने के बजाय पीके (PK) की गृह सीट पर उम्मीदवार बनाया। इस तरह, रितेश का राजनीतिक सफर अभी भी जारी है, लेकिन अब वह अपने व्यक्तिगत निर्णयों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।










