जॉन बोल्टन पर गोपनीय दस्तावेजों के लीक का आरोप
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने अपने घर में अत्यंत गोपनीय सरकारी दस्तावेज रखे और इन संवेदनशील जानकारियों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ साझा किया। यह मामला उस समय सामने आया है जब उनके खिलाफ 18 आरोपों वाला अभियोग पत्र दायर किया गया है।
अभियोग में यह भी उल्लेख है कि ईरान से जुड़े हैकर्स ने बोल्टन के ईमेल खातों को हैक कर उनके गोपनीय सूचनाओं तक पहुंच बनाई। बोल्टन ने 2021 में एफबीआई को अपने ईमेल अकाउंट के हैक होने की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उस खाते से उन्होंने कौन-कौन सी गोपनीय जानकारियां साझा की थीं, जो अब हैकर्स के हाथ लग चुकी हैं।
गुप्त जानकारी का खुलासा और आरोपों का स्वरूप
यह मामला मुख्य रूप से बोल्टन पर केंद्रित है, जो अपनी कठोर विदेश नीति और युद्ध समर्थक रुख के लिए जाने जाते हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में वह एक वर्ष से अधिक समय तक उनके साथ कार्यरत रहे, लेकिन 2019 में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने ट्रंप की आलोचना करते हुए एक किताब भी प्रकाशित की।
पिछले एक महीने में ट्रंप के आलोचकों के खिलाफ यह तीसरा मामला है। बोल्टन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे ट्रंप का अपने विरोधियों को डराने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा, “अब मैं न्याय विभाग के राजनीतिक हथकंडों का शिकार बन गया हूं।”
गोपनीय दस्तावेजों का विस्तार और सुरक्षा खतरा
अभियोग के अनुसार, 2018 से अगस्त 2024 के बीच बोल्टन ने अपने दो परिजनों के साथ मिलकर 1000 से अधिक पन्नों की गोपनीय जानकारी साझा की, जिसमें उच्चस्तरीय बैठकों, खुफिया रिपोर्टों और विदेशी नेताओं से बातचीत के विवरण शामिल थे।
इन दस्तावेजों में विदेशी दुश्मनों की सैन्य योजनाएं, गुप्त अमेरिकी अभियान और हमलों की जिम्मेदारी से जुड़ी सूचनाएं भी शामिल थीं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती हैं।











