मुंबई में बच्चों को बंधक बनाने का मामला: नई जानकारी सामने आई
मुंबई में बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्य की मौत के बाद इस घटना से जुड़ा एक नया पहलू प्रकाश में आया है। पुणे निवासी रोहित को एक सरकारी स्कूल प्रोजेक्ट का टेंडर मिला था, लेकिन भुगतान न होने के कारण वह काफी नाराज था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसी विवाद ने उसे इस कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
आरोपी की नाराजगी और सोशल मीडिया पर बयानबाजी
रोहित खुद को अक्सर अन्याय का शिकार बताता था। उसने कई बार शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए और सोशल मीडिया पर सरकार तथा सिस्टम के विरुद्ध अपनी बातें रखी। सूत्रों के अनुसार, वह हाल के महीनों में सरकार के खिलाफ मुखर था और अपने आप को न्याय के लिए संघर्षरत व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत कर रहा था।
महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आरोप और प्रदर्शन
रोहित का दावा था कि उसने ‘माझी शाळा, सुंदर शाळा’ जैसी योजना का मूल विचार तैयार किया था। यह विचार उसकी फिल्म ‘लेट्स चेंज’ से प्रेरित था, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने 2022 में लागू किया। उसने आरोप लगाया कि सरकार ने उसके आइडिया, स्क्रिप्ट और फिल्म के अधिकारों का दुरुपयोग किया, लेकिन न तो उसे क्रेडिट दिया गया और न ही भुगतान।
आंदोलन और आत्महत्या की धमकी
इस विवाद के चलते रोहित ने कई बार शिक्षा विभाग और तत्कालीन मंत्री दीपक केसरकर के खिलाफ प्रदर्शन किए। उसने यहां तक कि एक महीने का अनशन भी किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्री ने आश्वासन दिया था कि उसकी मांगें मानी जाएंगी, लेकिन जांच के नाम पर फाइल रोक दी गई। अपने पुराने बयान में उसने कहा था कि यदि उसने आत्महत्या की, तो इसके जिम्मेदार दीपक केसरकर और उनके सहयोगी होंगे।
सरकार के दावों और मानसिक स्थिति का प्रभाव
रोहित का कहना था कि उसके कॉन्सेप्ट को सरकार ने अपनाया और उस पर लगभग दो करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया गया। बावजूद इसके, उसे न तो पहचान मिली और न ही भुगतान। इस उपेक्षा ने उसकी मानसिक स्थिति को इतना प्रभावित किया कि उसने बच्चों को बंधक बनाकर अपनी बात मनवाने का कदम उठाया।
गुरुवार को हुई घटना और पुलिस का ऑपरेशन
गुरुवार सुबह मुंबई के पवई इलाके में स्थित आर ए स्टूडियो में रोहित ने वेब सीरीज के ऑडिशन के बहाने करीब 100 बच्चों को बुलाया। इस दौरान उसने 17 बच्चों समेत कुल 19 लोगों को बंधक बना लिया और बाकी को बाहर भेज दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और दो घंटे की स्पेशल ऑपरेशन के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मृत्यु और बरामदगी
पुलिस के अनुसार, रोहित के पास से एयरगन और कुछ केमिकल पदार्थ भी मिले हैं। ऑपरेशन के दौरान उसे गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
रोहित का वीडियो संदेश और घटना का मकसद
किडनैपिंग के बीच, रोहित का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उसने खुद को इस घटना का मुख्य आरोपी बताया। वीडियो में उसने कहा कि उसने यह सब एक योजना के तहत किया है और उसकी कोई बड़ी वित्तीय मांग नहीं है। उसका दावा था कि उसकी मांगें नैतिकता से जुड़ी हैं और वह आतंकवादी नहीं, बल्कि सवाल पूछने और जवाब पाने का प्रयास कर रहा था।











