नागपुर में किसान आंदोलन का जबरदस्त असर
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक बच्चू कडू के समर्थकों और किसानों ने मंगलवार रात से नागपुर की सीमा पर यातायात बाधित कर दी है। यह प्रदर्शन किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर चलाया जा रहा है, जिसे ‘महाएलगार मोर्चा’ का नाम दिया गया है। इस आंदोलन की अगुवाई करते हुए बच्चू कडू स्वयं ट्रैक्टर चलाकर किसानों के साथ नागपुर पहुंचे हैं।
किसानों की मुख्य मांगें और आंदोलन का उद्देश्य
बच्चू कडू की मुख्य मांगों में महाराष्ट्र के किसानों के लिए संपूर्ण कर्जमाफी, भारी वर्षा से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा, दिव्यांग नागरिकों को प्रति माह छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता, और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना शामिल है। इन मुद्दों को लेकर किसान और समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं, ताकि सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकें।
सड़कें जाम और पुलिस का कदम
आंदोलन के दूसरे दिन भी सुबह से ही कार्यकर्ता आक्रामक दिखे। उन्होंने नागपुर-हैदराबाद हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे लगभग 25 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। ट्रक, कारें और दोपहिया वाहन लंबी कतार में फंसे हुए हैं। साथ ही, छोटी सड़कों को भी जाम करने का प्रयास किया गया, जिसमें कांटेदार पेड़ सड़क पर डालकर वाहनों की आवाजाही रोकने की कोशिश की गई। पुलिस ने दोपहर तक स्थिति को नियंत्रित कर ट्रैफिक को आउटर रिंग रोड से डायवर्ट कर दिया है।
आंदोलन की चेतावनी और सरकार का रुख
बच्चू कडू ने सरकार को दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे ट्रेनें रोकने और भारत बंद का आह्वान करेंगे। इस संदर्भ में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। बच्चू कडू का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और जब तक सरकार उनकी बात नहीं मानती, आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।











