उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ठगी का खुलासा
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। विशेष रूप से, ‘भस्म आरती’ के नाम पर निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक रकम वसूलने का आरोप था। इस संदर्भ में मंदिर प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए खुद जमीन पर उतरकर कड़ी जांच शुरू की और ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
भस्म आरती में धोखाधड़ी के मामले में कड़ी कार्रवाई
महाकाल मंदिर की भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इस अनुष्ठान के लिए मंदिर प्रशासन ने निश्चित शुल्क और संख्या तय कर रखी है। प्रतिदिन लगभग डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आते हैं, जिससे ठगी के मामले भी सामने आते रहते हैं। इन धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर समिति लगातार सतर्कता बरत रही है।
आधी रात को खुद निरीक्षण कर दोषियों पर कार्रवाई
शुक्रवार तड़के मंदिर के प्रशासक और अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने स्वयं श्रद्धालुओं की भस्म आरती व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नीलकंठ द्वार से प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की अनुमति और टिकट व्यवस्था की जांच की। साथ ही, उन्होंने फीडबैक भी लिया और पाया कि कुछ श्रद्धालुओं से अनुमति के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी। शिकायत के आधार पर रात्रि में ही महाकाल थाना में मामला दर्ज किया गया, और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर ने बताया कि मंदिर में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है। यह जांच नियमित रूप से की जाती है और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी बाहरी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी इसी तरह की धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई की गई थी, जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।











